- अफसरों की सूची तैयार, स्ट्राइक में काम करना पड़ा भारी
हरियाणा में पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था के विरोध में दो दिनों की हड़ताल के बाद मुख्यमंत्री (CM) के साथ वार्ता में अपनी मांगें मनवाने वाली बिजली कर्मचारी यूनियनों ने अब संगठन विरोधी रुख अपनाने वालों के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। सरकार से अपनी बात मनवाने के बाद यूनियनों ने हड़ताल के दौरान ड्यूटी पर डटे रहने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है।
इसी कड़ी में ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन वर्कर यूनियन ने पंचकूला के एक जूनियर इंजीनियर (JE) और HSEB वर्कर यूनियन ने जींद की एक लोअर डिविजन क्लर्क (LDC) को बर्खास्त कर दिया है। वहीं, बिजली इंजीनियर एसोसिएशन भी अब ऐसे अधिकारियों की लिस्ट तैयार कर रही है, जिन्होंने हड़ताल का बहिष्कार कर काम किया था। जल्द ही उन्हें भी एसोसिएशन से बाहर निकाला जाएगा।
यूनियनों की ओर से अब तक इन पर कार्रवाई
- पंचकूला JE मुरलीधर को यूनियन से बाहर निकाला: माता मनसा देवी सब-डिवीजन (UHBVN) में तैनात JE मुरलीधर की सदस्यता ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन वर्कर यूनियन (AHPCWU) ने तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी है। कारण बताया गया है कि 22 से 24 अक्टूबर तक संगठन के हड़ताल के आह्वान का पालन न करना और ड्यूटी जारी रखना। उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई है। अब वे यूनियन के संविधान के तहत मिलने वाले किसी अधिकार का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
- जींद की LDC अंजू पर 5 साल का बैन: सब-डिवीजन नंबर-2 जींद में कार्यरत LDC श्रीमती अन्जु की सदस्यता HSEB वर्कर यूनियन (हेड ऑफिस भिवानी) ने सर्वसम्मति से रद्द कर दी है। 22, 23 और 24 अक्टूबर की साझा संघर्ष हड़ताल के आदेशों का उल्लंघन और अनुशासनहीनत पर सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ-साथ यह तय किया गया है कि अगले 5 वर्षों तक उन्हें दोबारा यूनियन में शामिल नहीं किया जाएगा और भविष्य में किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं दिया जाएगा।
- अब अफसरों पर भी गिरेगी गाज: कर्मचारी यूनियनों के इस कड़े रुख के बाद बिजली इंजीनियर एसोसिएशन ने भी हड़ताल के दौरान काम पर मौजूद रहने वाले अधिकारियों की स्क्रूटनी शुरू कर दी है। एसोसिएशन ऐसे अफसरों की सूची तैयार कर रही है जो हड़ताल के फैसले के खिलाफ जाकर काम पर रहे। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों की सदस्यता समाप्त कर उन्हें एसोसिएशन से बाहर करने की तैयारी है।
जरूरी हैं ऐसी कार्रवाई : बैनीवाल
हरियाणा पॉवर इंजीनियर एसोसिएशन के उपप्रधान बलजीत बैनीवाल ने कहा कि ऐसी कार्रवाई जरूरी है क्योंकि जब पूरे विभाग के कर्मचारी एकमत होकर निजीकरण से बचाने के लिए लड़ रहे थे, तब कुछ लोग हड़ताल को कमजोर करने में जुटे थे। उनकी लड़ाई जनता व किसान में थी।