- मंत्री विज भी रणनीति पर कर रहे मंथन, कर्मचारी पीछे हटने को नहीं तैयार
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में बिजली सेक्टर में प्राइवेट कंपनी को पेरेलल लाइसेंस दिए जाने के विरोध में लगातार दूसरे दिन हड़ताल कर रहे कर्मचारियों और बिजली मंत्री अनिल विज के बीच आज 3 तीन बजे बैठक होगी जिस पर सबकी नजरें टिकी है। हड़ताल के चलते प्रदेश भर में व्यापक स्तर पर जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालात ये है कि प्रदेश के दो तिहाई से ज्यादा जिले बिजली संकट के साथ साथ पीने के पानी की किल्लत से भी जूझ रहे हैं। बैठक को लेकर जहां अनिल विज भी लगातार पुख्ता रणनीति पर काम कर रहे हैं तो बिजली विभाग के कर्मचारी भी पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आ रहे।
विज पर भी टिकी नजरें, क्या सरकार को निकाल पाएंगे परेशानी से
बिजली मंत्री अनिल विज द्वारा मीडिया के साथ साझा की गई जानकारी अनुसार उनको उम्मीद है कि आज हड़ताल खत्म हो सकती है। हड़ताल कोई समाधान नहीं और सरकार कर्मचारी नेताओं के सुझाए विकल्पों पर भी विचार करेगी। वहीं दूसरी तरफ ये भी सामने आ रहा है कि कर्मचारियों को साधने और मनाने के लिए सरकार संबंधित इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 108 के तहत प्राइवेट कंपनी का लाइसेंस रद्द करने के विकल्प या अन्य संभावनाओं पर भी विचार कर सकती है। जिससे मामले का पटाक्षेप हो सके। पूरे मामले के मद्देनजर विज के रुख और रणनीति पर भी सबकी नजरें टिकी है कि वो सरकार को फिलहाल परेशानी से निकाल पाएंगे या फिर कमोबेश यही स्थिति बनी रहेगी।
कर्मचारी यूनियन का दावा 50 हजार से ज्यादा कर्मी हड़ताल पर, किसी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे
हड़ताली कर्मचारी यूनियन का दावा है सभी बिजली निगमों से 50 हजार से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर हैं जिनमें करीब 40 हजार पक्के हैं और बाकी कच्चे हैं। वो किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे, जब तक सरकार प्राइवेट कंपनी के पेरेलल लाइसेंस को रद्द नहीं करती तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
कई यूनियनों और संगठनों के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की जुगत
हड़ताल कर रहे कर्मचारी निरंतर इस जुगत में हैं कि अलग अलग कर्मचारी संगठनों के जरिए सरकार को पीछे हटने के लिए मजबूर किया जाए। संयुक्त मोर्चा प्रवक्ता रविंद्र घणगस के अनसार मामले के लेकर मुख्य रूप से पांच यूनियन लामबंद हैं जिनमें ऑल इंडिया पावर कोरपोरेशन वर्कर यूनियन (हिसार), हरियाणा स्टेट इलैक्ट्रिसिटी बोर्ड यूनियन (भिवानी), हरियाणा पावर जेनरेशन एससी-एसटी एंड बीसी वर्कर यूनियन (भिवानी), अनुबंधित कर्मचारी यूनियन और हरियाणा पावर इंजीनियर फेडरेशन शामिल हैं।
उनका ये भी दावा है कि इनके अलावा सफाई कर्मचारी, टीचर्स संगठनों के अलावा सोलर एसोसिएशन का भी समर्थन बिजली कर्मचारियों के साथ है। इसके अलावा उत्तरी भारत के कई कर्मचारी संगठनों और संयुक्त मोर्चा का समर्थन उनको है।