September 19, 2026
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  • पहले 50 सीटों पर अटकी थी मान्यता, NCISM ने जारी किए आदेश

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में गांव पटीकरा स्थित बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल में बीएएमएस पाठ्यक्रम के दाखिले का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज में 100 सीटों पर दाखिले की अनुमति दे दी है। आयोग ने कॉलेज की प्रथम अपील पर विचार करते हुए 17 सितंबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया है। इससे इस सत्र में दाखिले की उम्मीद लगाए बैठे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।

इस बार कम लग रहा था चांस

दरअसल, कॉलेज में पहले बीएएमएस की 50 सीट निर्धारित थीं। एनसीआईएसएम की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपी थी। रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज को दाखिलों के लिए फिट नहीं माना गया था। इसके बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 में यहां दाखिले पर संकट खड़ा हो गया था।

स्थिति यह रही कि नीट काउंसलिंग में भी अभी तक कॉलेज का नाम शामिल नहीं किया गया था। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।

मंत्री ने सीएम के सामने उठाया था मामला

कॉलेज में इसी सत्र से दाखिले शुरू कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर मामले को उठाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से कॉलेज को इस बार दाखिले की अनुमति दिलाने की मांग रखी थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से एनसीआईएसएम के समक्ष कॉलेज का पक्ष रखा गया।

प्रथम अपील पर सुनवाई के बाद आयोग ने अब 100 सीटों पर दाखिले की अनुमति दे दी है।

स्थानीय विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा

दाखिले की मंजूरी मिलने के बाद महेंद्रगढ़ और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों को आयुर्वेद में बीएएमएस की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकारी कॉलेज में स्थानीय स्तर पर 100 सीट उपलब्ध होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा।

पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नए संस्थान स्थापित करना नहीं, बल्कि उन्हें आवश्यक मान्यता और संसाधन उपलब्ध कराकर सुचारू रूप से संचालित करना भी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के अनुरूप प्रदेश में आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

आयोग के आदेश के बाद अब कॉलेज प्रशासन दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर सकेगा। इससे पटीकरा स्थित सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज में नए सत्र का संचालन शुरू होने का रास्ता खुल गया है।