August 5, 2026
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  • वरना गाड़ी में चारा, 400 किमी चलकर मंदिर में जलाभिषेक होगा

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा की एक अनोखी नंदी कांवड़ इन दिनों श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भगवान शिव के वाहन नंदी के साथ निकाली जा रही यह कांवड़ यात्रा जहां-जहां से गुजर रही है, वहां लोग इसके दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं।

सिरसा के कुछ युवक गांव के नंदी को साथ लेकर हरिद्वार कांवड़ लेने पहुंचे। वहां से गंगाजल भरने के बाद वे नंदी के साथ पैदल लौट रहे हैं। पूरे रास्ते गंगाजल नंदी की पीठ पर ही रखा गया है। 11 अगस्त को शिवरात्रि के दिन ग्रामीण इसी गंगाजल से नंदी के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

नंदी के साथ कैथल पहुंचे कांवड़ियों ने बताया कि वे हर साल कांवड़ लेने हरिद्वार जाते हैं। इस बार उन्होंने गांव के नंदी को भी हरिद्वार ले जाकर गंगाजी में स्नान कराने का निर्णय लिया। हरिद्वार पहुंचने पर नंदी को गंगाजी में स्नान भी कराया गया।

पूरी यात्रा के दौरान नंदी के साथ एक हुंडई वरना कार भी चल रही है। इसमें नंदी के लिए चारा और दाने सहित अन्य जरूरी सामान रखा गया है।

9 कांवड़ियों की टोली, पीछे गाड़ी में चारा

सिरसा के कालांवाली मंडी के 9 कांवड़ियों की टोली ने इस सावन भी हरिद्वार से कांवड़ लाने का फैसला किया। नंदी के साथ चल रहे रोशन लाल ने बताया कि यह नंदी कई वर्षों से गांव की गलियों में घूमता रहता है। इस बार उन्होंने नंदी को भी कांवड़ यात्रा में साथ ले जाने की योजना बनाई।

करीब 400 किलोमीटर की यात्रा, गंगाजी में कराया स्नान

रोशन लाल ने बताया कि गांव से हरिद्वार की दूरी करीब 400 किलोमीटर है। करीब 10 दिन पहले वे पिकअप गाड़ी में नंदी को लेकर हरिद्वार पहुंचे। वहां नंदी को गंगाजी में स्नान कराया गया और घाट पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद नंदी की पीठ पर गंगाजल रखकर वे करीब एक हफ्ते पहले सिरसा के लिए पैदल रवाना हुए।

गर्मी में आटा, दलिया और चारा खिलाते हैं

रोशन लाल के अनुसार, हरिद्वार से अब तक वे करीब 200 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चुके हैं। रात होने पर वे किसी न किसी कांवड़ शिविर में रुक जाते हैं। शिविर के बाहर खूंटा गाड़कर नंदी को बांध देते हैं। रात में ही उसे आटा, दलिया और चारा खिलाया जाता है। सुबह फिर सभी दोबारा यात्रा पर निकल पड़ते हैं।