- अब घर पहुंचकर होगी शिकायतों की जांच, मोबाइल एप से होगा सत्यापन
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा सरकार ने राशन कार्ड में दर्ज गलत शिकायतों के समाधान के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब फूड सप्लाई इंस्पेक्टर निरीक्षण कर मोबाइल एप से परिवार की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कर सकेंगे तथा दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार ठीक कर सकेंगे। प्रदेश में ऐसे करीब 4 लाख राशन कार्ड धारक हैं। पीपीपी के स्टेट कॉडिनेटर डॉ. सतीश खोला ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए विभिन्न डेटा के चलते पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर होने की शिकायतें मिली। ऐसे परिवारों को फिर से इससे जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष प्रावधान लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित नहीं रह पाए।
जाने कैसे होता है आंकलन
डॉ. सतीश खोला ने बताया कि केंद्र सरकार ने राशन कार्ड धारकों का तीन श्रेणी में अलग-अलग डेटा बेस तैयार किया। जिससे कई राशन कार्ड धारकों के अपात्र की श्रेणी में शामिल होने राशन मिलना बंद हो गया। मुख्य रूप से इन 3 फैक्टर को परिवारों के आंकलन का आधार माना।
पहला : ऐसे परिवार जिन्होंने पिछले 6 माह से डिपो से अपना राशन नहीं लिया और ऐसे परिवार जो दो अलग-अलग स्थानों से राशन प्राप्त कर रहे हो। दूसरा : ऐसे परिवार जिनके नाम पर किसी भी प्रकार का हल्का और भारी (जैसे दुपहिया और कोई फोर व्हीकल) वाहन पंजीकृत हो। तीसरा : केंद्र सरकार ने आयकर विभाग से मिले डेटा को भी राशन कार्ड धारक परिवारों के स्टेट्स को आंकलन का आधार बनाया है।
इसलिए अपनानी पड़ी नई व्यवस्था
उन्होंने बताया कि कई मामलों में वास्तविक स्थिति और उपलब्ध रिकॉर्ड में अंतर होने की संभावना भी रहती है। कुछ मामलों में वाहन का रिकॉर्ड पुराना हो सकता है, कुछ मामलों में जानकारी समय पर अपडेट नहीं होती, जबकि कई बार तकनीकी त्रुटियों के कारण भी पात्र परिवार प्रभावित हो जाते हैं।
ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई व्यवस्था लागू की। जिससे प्रभावित परिवारों और नागरिकों को राहत देने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण हो सके।
ऐसे ठीक होंगी राशन कार्ड की त्रुटि
उन्होंने बताया कि केंद्र के डाटा से करीब 4 लाख परिवार प्रभावित हुए हैं। इससे इनमें से सही और गलत की पहचान होगी। जिन परिवार को उपर दिए गए कारणों से राशन बंद हुआ है। ऐसे परिवार लोकल फूड सप्लाई इंस्पेक्टर को अपनी शिकायत दें। जिसके बाद फूड सप्लाई इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचकर परिवार की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेंगे।
वह दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल एप से शिकायतों की जांच और सुधार करने के लिए अधिकृत किए हैं।