- कल से 3 दिन लू चलेंगी, 5 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ की आज (रविवार) से विदाई हो गई है। शनिवार को दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़, नारनौल, रेवाड़ी, नूंह और आसपास के शहरों में तेज आंधी के बाद बारिश हुई। आज भी मौसम विभाग ने दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, पलवल और नूंह में बारिश व आंधी का यलो अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा राज्य के अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधियां चल सकती हैं। वहीं, उत्तरी और पश्चिमी हरियाणा के अधिकांश जिले पूरी तरह से शुष्क बने रहेंगे।
वहीं, पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होते ही राज्य में तापमान बढ़ गया। रोहतक में पारा 43 डिग्री के पार कर गया। यहां औसतन तापमान में 3.8°C की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, यह अभी भी सामान्य के आसपास ही बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2 दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद के 4 दिनों में पारा 3 से 5 डिग्री तक और बढ़ सकता है।
3 दिन लू चलेगी, 45 डिग्री पार जाएगा पारा
प्रदेश में गर्मी का प्रकोप एक बार फिर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में आगामी 3 दिनों के लिए लू का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 11 और 12 जून को तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है।
8 जून से सिरसा, हिसार, भिवानी, दादरी, फतेहाबाद, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़, 9 जून से जींद, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल और 10 जून को पूरे प्रदेश में भीषण लू चलने की संभावना जताई गई है।
11 व 12 को मौसम फिर बिगड़ेगा
मौसम विभाग के अनुसार, 11 व 12 जून को कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी हवाएं (आंधी) चलने की भी संभावना है। बता दें कि जून के शुरुआती 6 दिनों में राज्य में सामान्य से 12% कम बारिश दर्ज की गई है।
किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह
सिंचाई रोकें: जिन इलाकों में तेज हवा और बारिश की संभावना है, वहां गन्ने, सब्जियों और फलों के बागों में सिंचाई अभी रोक दें।
पशुओं का रखें ध्यान: तेज और धूलभरी हवाओं को देखते हुए पशुओं को खुले में बांधने के बजाय शेड (सायबान) के नीचे रखें । तेज धूप से बचाने के लिए हवा की दिशा में जूट के बोरे या पर्दे लटकाएं।
सब्जियों की बुआई: भिंडी, लौकी, खीरा, तोरई और गर्मियों वाली मूली की बुआई का काम सुबह या शाम के ठंडे समय में ही पूरा करें ।