उपराष्ट्रपति करेंगे उद्घाटन
हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : फरीदाबाद जिले में आज हरियाणा पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा सूरजकुंड परिसर पहुंचे। जहां पर उन्होंने 31 जनवरी से शुरू हो रहे सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की तैयारियों की समीक्षा की। इससे पहले प्रशासन के अधिकारी भी तैयारियों को लेकर परिसर का दौरा कर चुके है।
31 जनवरी से शुरू होगा मेला
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले का आयोजन 31 जनवरी से 15 फरवरी तक किया जाएगा। वर्ष 2013 में सूरजकुंड क्राफ्ट मेला को राष्ट्रीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नत किया गया और इसका नाम सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेला रखा गया।
उपराष्ट्रपति करेंगे मेले का उद्घाटन
इस बार मेले का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के द्वारा किया जाएगा। उनके साथ हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी, कैबिनेट मंत्री मनोहर लाल सहित हरियाणा सरकार के मंत्री एवं विधायक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
42.5 एकड़ में फैले मेला परिसर
इस बार मेला परिसर का दायरा बढ़ाया गया है। 42.5 एकड़ में फैले मेला परिसर में 1300 स्टॉल बनाई गई है। वर्ष 2025 के लगे 38वें मेले में 44 से अधिक देशों के 635 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा 15 लाख से अधिक पर्यटकों ने मेले का भ्रमण किया था। जबकि 1188 शिल्पकारों ने भाग लिया था।
फास्टैग से मिलेगी स्मार्ट सुविधा
मेला परिसर के पाथवे पर विभिन्न जिलों की पहचान को दर्शाने वाले डिजाइन बनाए जाएंगे। हर शिल्प और जिले के लिए विशेष साइनेज और क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिनके जरिए पर्यटक शिल्प निर्माण प्रक्रिया और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी ले सकेंगे।
पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति की भी झलक
इस बार सूरजकुंड मेले में पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति भी खास तौर पर प्रदर्शित की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश के तवांग मठ, असम के कामाख्या मंदिर और मेघालय की खासी हिल्स जैसे पर्यटन स्थलों की झलक के साथ-साथ आठों पूर्वोत्तर राज्यों की लोक कला, पारंपरिक वेशभूषा और खानपान पर्यटकों को आकर्षित करेगा।
600 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मेले को 6 पुलिस जोन में बांटा गया है। कुल 5 प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जिनमें VVIP गेट भी शामिल है। सभी प्रवेश द्वारों पर DFMD और HHMD लगाए गए हैं। मेला परिसर में 600 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा 12 मचान, 10 पिकेट, डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखी जाएगी।
यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए 11 सामान्य पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। पार्किंग और यातायात नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस तैनात रहेगी। इसके साथ ही 4 पीसीआर और 6 राइडर दिन-रात दो शिफ्टों में गश्त करेंगी।