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    कुशल शिक्षकों के निर्माण के लिए हरियाणा सरकार ने बनाए दो नए संस्थान, इसी सत्र से होंगे दाखिला

    कुशल शिक्षकों के निर्माण के लिए हरियाणा सरकार ने बनाए दो नए संस्थान, इसी सत्र से होंगे दाखिला मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय महत्व के दो प्रदेश स्तरीय संस्थानों में प्रवेश शुरू करने की अनुमति दी। ये संस्थान स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन टीचर एजुकेशन (www.siaste.org) के नाम से जाने जाएंगे और क्रमश गुरुग्राम यूनिवर्सिटी और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से संबद्ध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा देश का पहला प्रदेश है जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की इस अति महत्वाकांक्षी अनुशंसा को लागू करने की पहल की है। इन दोनों संस्थानों में चार वर्षीय बीएड कोर्स में इसी सत्र से छात्रों को दाखिल किया जाएगा। इन संस्थानों में शिक्षक शिक्षा अंतरराष्ट्रीय स्तर का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा जो स्कूली शिक्षा के स्तर को ऊपर ले जाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इन संस्थानों के प्रारंभ होने से 21वीं सदी के कौशलों से युक्त शिक्षकों का निर्माण होगा जो न केवल प्रदेश की स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करने का काम करेंगे बल्कि भारत को शिक्षकों का निर्यातक देश बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के सपने को साकार करेंगे। मुख्यमंत्री ने उच्चतर शिक्षा विभाग को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई दी।
    कुशल शिक्षकों के निर्माण के लिए हरियाणा सरकार ने बनाए दो नए संस्थान, इसी सत्र से होंगे दाखिला

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय महत्व के दो प्रदेश स्तरीय संस्थानों में प्रवेश शुरू करने की अनुमति दी। ये संस्थान स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन टीचर एजुकेशन (www.siaste.org) के नाम से जाने जाएंगे और क्रमश गुरुग्राम यूनिवर्सिटी और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से संबद्ध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा देश का पहला प्रदेश है जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की इस अति महत्वाकांक्षी अनुशंसा को लागू करने की पहल की है।

    इन दोनों संस्थानों में चार वर्षीय बीएड कोर्स में इसी सत्र से छात्रों को दाखिल किया जाएगा। इन संस्थानों में शिक्षक शिक्षा अंतरराष्ट्रीय स्तर का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा जो स्कूली शिक्षा के स्तर को ऊपर ले जाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इन संस्थानों के प्रारंभ होने से 21वीं सदी के कौशलों से युक्त शिक्षकों का निर्माण होगा जो न केवल प्रदेश की स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करने का काम करेंगे बल्कि भारत को शिक्षकों का निर्यातक देश बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के सपने को साकार करेंगे। मुख्यमंत्री ने उच्चतर शिक्षा विभाग को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई दी।

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