- दीपावली पर OPS बहाली का मांगा तोहफा
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज: हरियाणा में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर पेंशन बहाली संघर्ष समिति (PBSS) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा पूरी तरह खोल दिया है। भिवानी में समिति के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. शिवकुमार शास्त्री ने साफ कर दिया है कि संगठन अब ‘करो या मरो’ की राह पर है। पुरानी पेंशन कर्मचारियों के हक की लड़ाई है और जब तक इसे लागू नहीं किया जाता, प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
डॉ. शिवकुमार शास्त्री ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में ‘ओपीएस मार्च’ निकाला जा रहा है, ताकि सरकार को लगातार चेताया जा सके कि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बिना किसी देरी के तुरंत प्रभाव से बहाल की जाए।
लाठी, मुकदमे और जेल आंदोलन के गहने
हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुरानी पेंशन की मांग को लेकर विशाल प्रदर्शन के बाद प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसका वे सामना कर रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. शिवकुमार शास्त्री ने कहा कि लाठी चार्ज, मुकदमे, आंसू गैस के गोले, एफआईआर और जेल भरो आंदोलन… ये सब कर्मचारी आंदोलन के गहने होते हैं। इन कानूनी कार्रवाइयों से कोई भी कर्मचारी घबराने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि विजेंद्र धारीवाल के नेतृत्व में संगठन रात-दिन चट्टान की तरह डटा हुआ है।
पेंशन कोई भीख नहीं, कर्मचारियों का बकाया वेतन
प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि पुरानी पेंशन कोई भीख या खैरात नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। पेंशन असल में कर्मचारियों का वह बकाया वेतन होता है, जो उनकी नियुक्ति के समय ही सेवानिवृत्ति के लिए निर्धारित कर दिया जाता है।
नेताओं पर साधा निशाना- खुद कई पेंशन लेते हैं, कर्मचारियों की छीनी
नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाते हुए डॉ. शास्त्री ने कहा कि संविधान में नेताओं के केवल वेतन और भत्तों का उल्लेख है, पेंशन का नहीं। इसके बावजूद सत्ता हाथ में होने के कारण नेताओं ने कर्मचारियों की पुरानी पेंशन छीन ली और खुद कई-कई पेंशन ले रहे हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि देर-सवेर पुरानी पेंशन लागू तो करनी ही पड़ेगी, इसलिए क्यों न सरकार बड़प्पन दिखाते हुए दीपावली के पावन अवसर पर कर्मचारियों को ओपीएस (OPS) बहाली का ऐतिहासिक तोहफा दे।