October 18, 2026
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  • पुलिस को देख की थी भागने की कोशिश

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) की टीम ने कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में ड्रग्स तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी काली महिंद्रा XUV-500 कार में 268 ग्राम हेरोइन लेकर जा रहे थे। बरामद ड्रग्स की कीमत करीब 26 लाख रुपए आंकी गई है।

टीम ने लाडवा रोड पर शुगर मिल के पास पेट्रोल पंप के सामने नाकाबंदी कर कार को रुकवाया। पुलिस को देखकर चालक ने कार वापस मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया। ड्रग्स कार के डैशबोर्ड के अंदर पीले रंग की पॉलीथीन में छिपाकर रखी गई थी।

SI बोले- साढ़े 4 बजे मिली सूचना

HSNCB कुरुक्षेत्र यूनिट के इंचार्ज गुरनाम सिंह ने बताया कि उनकी टीम शाहबाद एरिया में नशीले पदार्थों की तलाश में गश्त कर रही थी। सुबह करीब 4:40 बजे टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि काली महिंद्रा XUV-500 कार में तीन लोग लाडवा की तरफ से शाहबाद आएंगे। तीनों ड्रग्स बेचने का धंधा करते हैं। सूचना को मानते हुए टीम ने लाडवा रोड पर शुगर मिल के पास पेट्रोल पंप के सामने नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद मुखबिर के बताई कार लाडवा की तरफ से आती दिखाई दी।

पुलिस को देखकर कार वापस मोड़ी

पुलिस टीम ने कार को रुकने के लिए टॉर्च से इशारा किया, लेकिन सामने पुलिस कर्मचारियों को देखकर कार वापस लाडवा की तरफ मोड़ दी और भागने की कोशिश की। टीम ने साथी कर्मचारियों की मदद से कार को सड़क किनारे रुकवा लिया। जांच करने पर ड्राइविंग सीट पर नीरज उर्फ रैम्बो, आगे वाली दूसरी सीट पर रणधीर सिंह उर्फ धीरू और पिछली सीट पर अंग्रेज शर्मा बैठा मिला।

डैशबोर्ड में छिपी मिली हेरोइन, वजन 268 ग्राम

कार की तलाशी लेने पर डैशबोर्ड के अंदर से पीले रंग की पॉलीथीन में हेरोइन बरामद हुई। इसके साथ एक छोटा मोबाइलनुमा तौलने वाला कांटा भी मिला। कंप्यूटर कांटे पर तोलने के बाद पॉलीथीन सहित कुल वजन 268 ग्राम निकला। इसकी बाजार में कीमत करीब 26 लाख रुपए आंकी गई है। टीम ने हेरोइन, कांटे और कार को जब्त कर लिया।

आरोपी रणधीर सिंह उर्फ धीरू निवासी बुहावी, नीरज उर्फ रैम्बो निवासी रोहटी और अंग्रेज शर्मा निवासी महमदपुर गूंदाना जिला यमुनानगर के खिलाफ थाना शाहाबाद में NDPS एक्ट की धारा 21(C), 61 और 85 के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि हेरोइन कहां से लाई गई थी, इसकी सप्लाई किसे की जानी थी और इस काम में उनके साथ अन्य कौन लोग जुड़े हैं। आरोपियों के पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा था या वे खुद ही ड्रग्स की खरीद-बिक्री में शामिल थे।