- 35 क्विंटल पैदावार का होगा वेरिफिकेशन
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : अंबाला सिटी की अनाज मंडी में शुक्रवार को धान खरीद व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों को उनकी पूरी फसल खरीदने का आश्वासन दिया। किसानों की ओर से धान खरीद की 26.26 क्विंटल प्रति एकड़ की लिमिट बढ़ाने की मांग पर मंत्री ने कहा कि यह पूरे जिले की औसत पैदावार के आधार पर तय है। जिन किसानों की पैदावार 30 से 35 क्विंटल तक है, वे इसकी जानकारी दें। वेरिफिकेशन के बाद उनकी फसल खरीदने का काम किया जाएगा।
मंत्री ने अंबाला की अनाज मंडी को प्रदेश में नंबर वन बताते हुए कहा कि यहां सबसे पहले धान की खरीद और उठान शुरू हुआ। उन्होंने किसानों, आढ़तियों और अधिकारियों से बातचीत कर खरीद व्यवस्था की जानकारी ली। मंत्री ने कहा कि अगर किसी किसान को MSP के अनुसार भुगतान नहीं मिल रहा है या किसी मंडी में खरीद संबंधी परेशानी है, तो वह सीधे उनके संज्ञान में लाए। वह खुद मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।
बेमौसम बारिश से नुकसान नहीं होने का दावा
धान खरीद में कथित गड़बड़ियों को लेकर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आरोपों पर कृषि मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता अपनी बात कह सकते हैं। यदि किसान की कोई जायज समस्या सामने आती है, तो सरकार उसका समाधान करेगी। हुड्डा ने आरोप लगाया था कि धान खरीद के नाम पर किसानों को नुकसान हो रहा है और प्रति क्विंटल करीब 25 रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मंत्री ने कहा कि यदि किसी किसान को MSP के अनुसार पूरी कीमत नहीं मिल रही है, तो वह उनसे संपर्क कर सकता है। वह अंबाला में उपलब्ध हैं और जरूरत पड़ने पर मुलाना समेत अन्य मंडियों में भी जाकर किसानों की समस्या सुनेंगे। बेमौसम बारिश के कारण धान के उठान में तेजी लाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि हरियाणा को बारिश से बड़े नुकसान से बचा हुआ बताया। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में बारिश से नुकसान हुआ है, लेकिन हरियाणा इससे सुरक्षित रहा है।
अंबाला में 28% धान का उठान, बाकी मंडियों में 20-25%
प्रदेश में अब तक धान खरीद के आंकड़ों पर कृषि मंत्री ने कहा कि अलग-अलग मंडियों में खरीद और उठान की स्थिति अलग है। उन्होंने बताया कि कुछ मंडियों में उठान करीब 20 से 25 प्रतिशत तक हुआ है, जबकि अंबाला में यह 27 से 28 प्रतिशत के आसपास है। प्रदेश में कुल खरीद का सटीक आंकड़ा चंडीगढ़ से जानकारी लेने के बाद ही बताया जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि मंडियों में रोजाना बोली और खरीद की प्रक्रिया जारी है। सरकार की प्राथमिकता किसानों की फसल खरीदना है और जहां भी कोई समस्या सामने आएगी, उसका समाधान करवाया जाएगा।