- पानीपत में EOI नियमों के खिलाफ डीलर्स का फूटा गुस्सा
हरियाणा ब्रेेकिंग न्यूज : ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (AHPDA) के आह्वान पर पानीपत मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स (PMC) से जुड़े प्रदेश के 13 जिलों के पेट्रोलियम डीलर्स ने सोमवार को नो परचेज आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
एसोसिएशन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव (पप्पू यादव) के नेतृत्व में चलाए एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन के दौरान तेल कंपनियों से पेट्रोल-डीजल की खरीद पूरी तरह ठप रही। आंदोलन की सफलता पर संगठन ने सभी जिला प्रधानों, डीलर्स, ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों का आभार व्यक्त किया है।
डीलर्स की प्रमुख मांगें
पेट्रोलियम डीलर्स लंबे समय से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के पानीपत EOI के नियमों में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
200 KL की शर्त समाप्त हो: EOI में लागू की गई 200 किलोलीटर (KL) की कड़ी शर्त को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए।
कॉन्सोर्टियम पार्टनर्स की अनुमति: एक टैंक ट्रक पर दो कॉन्सोर्टियम पार्टनर्स को काम करने की अनुमति दी जाए, ताकि ईंधन परिवहन व्यवस्था व्यावहारिक, सुगम और आर्थिक रूप से टिकाऊ बन सके।
आश्वासन के बाद भी नहीं निकला समाधान
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इन मांगों को लेकर IOCL के उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता और पत्राचार हो चुका है। बीते 11 सितंबर को PMC पानीपत में आयोजित बैठक में भी अधिकारियों के सामने इन मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया था, जहां जल्द सकारात्मक निर्णय का आश्वासन मिला था।
हालांकि, तय समय सीमा में कोई संशोधन न होने पर डीलर्स ने 14 सितंबर को नो परचेज का कड़ा फैसला लागू किया।
IOCL से तत्काल संशोधन जारी करने की मांग
AHPDA हरियाणा ने स्पष्ट किया है कि इस आंदोलन को सफल बनाने में सभी 13 जिलों के अध्यक्षों, पेट्रोलियम डीलर्स, ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवर भाइयों का पूर्ण और अनुशासित सहयोग मिला है। संगठन ने IOCL प्रबंधन से अपील की है कि वे डीलर्स के न्यायसंगत हितों को ध्यान में रखते हुए मांगों पर तत्काल सकारात्मक फैसला लें और आवश्यक संशोधन/कॉरिजिंडम जारी करें।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो संगठन अपने सदस्यों के अधिकारों के लिए आगे भी बड़े कदम उठाने को मजबूर होगा।