September 4, 2026
4 sep 14
  • ग्रामीणों ने सड़कें जाम की, बोले- CM योगी जैसा न्याय दो, जिम के बाहर गोलियों से भूना था

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :

दिल्ली के नरेला में मारे गए सोनीपत के प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद (40) के परिजन हत्यारों के एनकाउंटर की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहर कुंडली-सिंघु रोड जाम कर दी। ट्रैक्टर-ट्राली से गांव की सैकड़ों महिलाएं भी यहां पहुंची हैं।

सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सोनीपत पुलिस के कई जवान यहां तैनात किए गए हैं। परिवार से बात करने के लिए दिल्ली के रोहिणी DSP शशांक जायसवाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने प्रमोद के बड़े भाई विनोद को गले लगाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

विनोद ने रोते हुए कहा- देश में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही गरीब के बच्चों को न्याय दिला सकते हैं। नाहरी गांव के बेटे का घर उजड़ गया। हमे बस न्याय दे दो। जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं होगा, वे शव नहीं लेंगे।

इधर, परिजनों का कहना है कि प्रमोद को पहले से ही हत्या की आशंका थी। उन्होंने अपनी डिफेंडर और एंडेवर कार को मोडिफाई कराकर बुलेटफ्रूफ करवाया था। गुरुवार को प्रमोद बुलेटप्रूफ की बजाए स्कॉर्पियो से जिम गए थे। गाड़ी से उतरते ही 2 शूटरों ने उन पर गोलियां बरसा दीं। 16 गोलियां लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

 

जानिए, कैसे हुई प्रमोद की हत्या

  • गन गाड़ी में छोड़ जिम गए: प्रमोद अपने पार्टनर पवन के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहे थे। दोनों करीब 2 साल से नरेला में एक साथ सुबह जिम जाते थे। गुरुवार सुबह 6:38 बजे दोनों अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से घर से निकले थे। गांव नाहरी से करीब 3 किलोमीटर दूर बाकनेर स्थित जिम पर वे सुबह ठीक 7:00 बजे पहुंचे। प्रमोद अमूमन अपनी लाइसेंसी गन साथ रखते थे, लेकिन जिम के अंदर जाने के कारण गन गाड़ी में ही छोड़ दी।
  • दोनों हाथों से कुल 8-8 गोलियां चलाईं: जैसे ही वे जिम के गेट पर पहुंचे, प्रमोद के मोबाइल पर कोई मैसेज या कॉल आया। वे फोन देखने के लिए धीमे हो गए और जेब से मोबाइल निकालने लगे। इसी दौरान उनके पार्टनर पवन तीन-चार कदम आगे निकल गए। तभी घात लगाए बैठे दो शूटरों ने प्रमोद को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों बदमाशों ने अपने दोनों हाथों में पिस्टल ले रखी थी।
  • तीन साल से मिल रही थी धमकी: परिजनों का कहना है कि प्रमोद को करीब 3 साल पहले एक नामी गैंगस्टर से फिरौती के लिए धमकी भरा कॉल आया था। उस दौरान कुंडली थाना पुलिस को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और प्रमोद को कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई।