September 2, 2026
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  • कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मियों के लिए नया सिस्टम लागू, नियमित पद भी रहेंगे फ्रीज

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा सरकार ने राज्य के हजारों कच्चे (अनुबंधित) कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित करने के लिए मास्टर प्लान लागू कर दिया है। मानव संसाधन विभाग (HRD) ने मंगलवार (1 सितंबर 2026) को सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों और उपायुक्तों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।

सरकार के नए   आदेशों के तहत ‘हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट, 2024 और रूल्स, 2025’ के तहत आने वाले हर पात्र कर्मचारी के लिए ‘सुपरन्यूमरेरी पद’ (अतिरिक्त व्यक्तिगत पद) सृजित किए जाएंगे। इससे कच्चे कर्मचारियों की सेवा रिटायरमेंट तक सुरक्षित रहेगी।

हर पात्र कर्मचारी के लिए बनेगा स्पेशल पद: विभाग में काम कर रहे प्रत्येक पात्र अनुबंधित कर्मचारी के लिए एक पर्सनल ‘सुपरन्यूमरेरी पद’ बनाया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि स्वास्थ्य विभाग में कोई क्लर्क के रूप में कार्यरत है और सुरक्षा का पात्र बनता है, तो केवल उसी के लिए क्लर्क का एक व्यक्तिगत पद बनेगा। यह पद किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति के लिए इस्तेमाल नहीं होगा।

नियमित पद रहेंगे फ्रीज : जैसे ही किसी कर्मचारी के लिए सुपरन्यूमरेरी पद बनेगा, उसी कैडर का एक नियमित (Regular) पद फ्रीज कर दिया जाएगा। जब तक वह कर्मचारी सेवा में रहेगा, उस नियमित पद पर कोई नई भर्ती नहीं की जा सकेगी।

रिटायरमेंट के साथ ही खत्म होगा सुपरन्यूमरेरी पद: कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने, इस्तीफा देने या सेवा से हटने पर उसका सुपरन्यूमरेरी पद खुद-ब-खुद समाप्त हो जाएगा। इसके बाद फ्रीज रखा गया नियमित पद दोबारा बहाल हो जाएगा और विभाग उस पर नियमानुसार नई भर्ती कर सकेगा।

सरप्लस कर्मचारियों का दूसरे विभागों में होगा समायोजन: यदि किसी विभाग में कर्मचारियों की संख्या उपलब्ध काम या पदों से ज्यादा है, तो जूनियर कर्मचारियों को सरप्लस (अधिशेष) माना जाएगा। विभाग उनका सुपरन्यूमरेरी पद बनाकर सूची HRD को भेजेगा। मानव संसाधन विभाग (HRD) इन कर्मचारियों को उन विभागों में ट्रांसफर/एडजस्ट करेगा जहां पद खाली हैं।

पोर्टल से प्रक्रिया होगी ऑनलाइन और पारदर्शी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुपरन्यूमरेरी पदों के सृजन और समायोजन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही पूरी की जाएगी। सभी विभागाध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारी पात्र कर्मचारियों की पहचान कर बिना किसी देरी के समयबद्ध सीमा के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा करें। किसी भी पात्र कर्मचारी का केस बेवजह लंबित न रखा जाए।