August 10, 2026
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  •  आसमानी बिजली गिरने का खतरा, 2.8°C तक बढ़ा औसत तापमान

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा में एक दिन के ब्रेक के बाद आज से 13 अगस्त तक प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। 10, 11 और 13 अगस्त को प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश होने के आसार हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ के अनुसार करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत और पानीपत में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

यमुनानगर में सोमवार सुबह से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने यहां गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ भारी बारिश की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई है।

उधर, 9 अगस्त को जारी अधिकतम तापमान रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में 2.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि यह सामान्य के आसपास रहा। प्रदेश में सबसे अधिक 37 डिग्री सेल्सियस तापमान अंबाला में दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 36 डिग्री, करनाल में 35.2, रोहतक में 35.3 और हिसार में 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

इन जिलों में होगी कम बारिश

इसके अलावा पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, भिवानी और चरखी दादरी में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और जींद में छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। बारिश के साथ कुछ इलाकों में मौसम सुहावना होने तथा तापमान में भी राहत मिलने की संभावना है।

नारनौल में रहा सबसे कम तापमान

महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.3 डिग्री कम रहा। यानी प्रदेश के कई हिस्सों की तुलना में नारनौल में दिन का तापमान कम दर्ज किया गया।

यमुनानगर के लिए चेतावनी

विभाग के अनुसार 10, 11 और 13 अगस्त को प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। खासकर यमुनानगर में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

उमस से मिलेगी राहत

प्रदेश में बारिश का यह दौर अलग-अलग क्षेत्रों में जारी रहने की संभावना है। इससे उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही किसानों के लिए भी यह बारिश फसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।