August 6, 2026
6 aug 14
  • गेस्ट टीचर्स के खिलाफ हरियाणा सरकार की LPA डिस्पोज

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स से जुड़े मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। गेस्ट टीचर्स के विरोध में सरकार की ओर से दायर LPA (लेटर्स पेटेंट अपील) को हाईकोर्ट ने डिस्पोज कर दिया है। मामले की सुनवाई सुखविंदर सिंह एंड अदर्स के नाम से हुई।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद गेस्ट टीचर्स में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि सरकार जल्द ही उनके मामले में सकारात्मक निर्णय लेते हुए उन्हें नियमित करने की दिशा में कदम उठाएगी।

गेस्ट टीचर एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने कहा, गेस्ट टीचर पिछले 20 सालों से सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने 2014 में इन टीचर्स को नियमित करने का वादा किया था। सरकार कोर्ट केस का हवाला देते हुए अब तक नियमित नहीं कर रही थी। अब सरकार को प्रदेश के 12 हजार गेस्ट टीचर्स के हित में जल्द फैसला लेना चाहिए।

2005 में निकली थी वैकेंसी

याचिकाकर्ता सुखविंदर सिंह ने बताया कि साल 2005-06 में सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों पर वैकेंसी निकली थी। इसके लिए नियुक्ति प्रक्रिया विज्ञापन, चयन समिति का गठन भी किया गया था। एप्लिकेंट्स की जांच और मेरिट लिस्ट जारी करने के बाद ही जॉइनिंग कराई गई थी।

गेस्ट फेकल्टी के रूप में जॉइनिंग

सुखविंदर सिंह ने बताया कि ये जॉइनिंग गेस्ट फेकल्टी के रूप में हुई। 12 हजार 700 टीचर्स को इसमें नियुक्ति दी गई। जॉइनिंग के बाद से ही टीचर्स और याचिकाकर्ता सुखविंदर सिंह परमानेंट नियुक्ति की मांग कर रहे थे। प्रदेश भर में प्रदर्शन भी हुए थे। साथ ही मामला हाईकोर्ट में चला गया था।

हाईकोर्ट में सरकार ने ये दलील रखी थी

हरियाणा सरकार ने अदालत में दलील दी थी, याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति केवल अस्थायी व्यवस्था के तौर पर की गई थी। वे नियमित भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त नहीं हुए थे, इसलिए वे परमानेंट करने के पात्र नहीं हैं। कोर्ट ने सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया।

परमानेंट होने के बाद ये लाभ मिलेगा

इन टीचर्स को होगा फायदा

2005-06 में हुई भर्ती प्रक्रिया में गेस्ट ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT), गेस्ट पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT), लेग्वेज टीचर, ड्राइंग टीचर, कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर (जहां पॉलिसी लागू होगी) भर्ती हुए थे। इसके अलावा उन टीचर्स को भी इसका लाभ मिलेगा, जिन्होंने 2014 की नियमितीकरण नीति की शर्तें पूरी की हैं।

सरकारी टीचर्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी

अगर सरकार इन टीचर्स को परमानेंट करती है तो इन्हें सरकारी टीचर्स की तरह कई सुविधाएं मिलेंगी। इनमें पे स्केल, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), मेडिकल सुविधाएं, अर्न लीव (EL), मातृत्व व पितृत्व हॉलिडे, एनुअल सैलरी इन्क्रीमेंट, पेंशन संबंधी लाभ (सरकारी नियमों अनुसार), सर्विस रूल से प्रमोशन का लाभ जैसी सुविधाएं शामिल हैं।