August 1, 2026
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  • 15 जिलों में सूखा, फसलों पर संकट

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा में मानसून के सबसे महत्वपूर्ण महीने जुलाई में इस बार बारिश उम्मीद से काफी कम रही। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की मासिक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में जुलाई के दौरान 109.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस महीने का सामान्य औसत 149.1 मिमी है। यानी पूरे प्रदेश में करीब 40 मिमी कम और 27 प्रतिशत कम बारिश हुई।

इसका सबसे ज्यादा असर पश्चिमी और मध्य हरियाणा में दिखाई दिया, जहां अधिकांश जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा हुई। आईएमडी के पिछले 26 वर्षों (2000-2026) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2003 में जुलाई के दौरान 306.4 मिमी बारिश के साथ सबसे अधिक वर्षा दर्ज हुई थी।

जबकि 2004 में केवल 21 मिमी बारिश हुई थी, जो 26 वर्षों का सबसे सूखा जुलाई महीना रहा। वहीं 2021, 2022 और 2023 में लगातार सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई थी, लेकिन 2024 में गिरावट आने के बाद 2026 में फिर से बड़ा रेन डेफिसिट दर्ज किया गया।

15 जिलों में सामान्य से कम बारिश

प्रदेश के 22 जिलों में से 15 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा कमी सिरसा (-74%), जींद (-66%) और रोहतक (-66%) में रही। हिसार में 45 प्रतिशत और कैथल में 43 प्रतिशत कम बारिश हुई। दूसरी ओर पलवल, कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद जैसे जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई।

कम बारिश से फसलों को नुकसान

सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद और रोहतक का बेल्ट कपास और बाजरे का प्रमुख क्षेत्र है। यहां सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज होने से सिंचाई पर निर्भरता बढ़ेगी। हिसार और सिरसा जैसे जिलों में जुलाई की कमी अगस्त में पूरी नहीं हुई, तो खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है।

उत्तर हरियाणा: अंबाला और पंचकूला में सामान्य से करीब आधी बारिश हुई, जबकि कुरुक्षेत्र में 20% अधिक बारिश दर्ज की गई। करनाल में केवल 12% कमी रही।

दक्षिण हरियाणा: रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और नूंह में कमी सीमित रही, लेकिन पलवल में सामान्य से 30% अधिक बारिश हुई। गुरुग्राम में केवल 7% की कमी दर्ज की गई।

पश्चिम हरियाणा: सिरसा, हिसार और फतेहाबाद सबसे अधिक प्रभावित रहे। यही इलाका खरीफ खेती के लिहाज से सबसे संवेदनशील माना जाता है।

मध्य हरियाणा: रोहतक, जींद, कैथल और सोनीपत में सामान्य से 43% से 66% तक कम बारिश दर्ज हुई। यह पूरे प्रदेश का सबसे बड़ा “रेन डेफिसिट जोन” बनकर उभरा।

आज 3 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट

वहीं हरियाणा में मानसून फिलहाल उत्तर और उत्तर-पूर्वी जिलों पर ज्यादा मेहरबान है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में बारिश की रफ्तार अभी धीमी बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) चंडीगढ़ के अनुसार 1 अगस्त को पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। दूसरी ओर हिसार, सिरसा और फतेहाबाद में केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। 3 और 4 अगस्त से मानसून फिर सक्रिय होगा।

सिरसा में सबसे ज्यादा तापमान

बारिश और बादलों के कारण प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट बनी हुई है। शुक्रवार को सिरसा 36.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म जिला रहा। इसके बाद नारनौल 36.0 डिग्री और हिसार 35.1 डिग्री दर्ज किया गया। अंबाला में 35.8, रोहतक में 34.5 और करनाल में 33.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

नारनौल में रात का सबसे कम पारा

 रात के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। नारनौल 26.0 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा जिला रहा। हिसार में न्यूनतम तापमान 27.1, अंबाला में 27.2, रोहतक में 27.8 और सिरसा में 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नमी का स्तर अधिक रहने से रात और सुबह के समय उमस बनी रह सकती है।