June 14, 2026
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  • 16 नई हाइड्रोलिक मशीनें और 800 वायरलेस सेट खरीदने की तैयारी

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : दिल्ली के एक होटल और रोहतक की मार्केट में हाल ही में हुई भीषण आग की घटना के बाद सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। सरकार अब बड़े और प्रमुख शहरों में वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम बनाने जा रही है। इसको लेकर 500 से 800 वायरलेस सेट की खरीद की जाएगी। 16 नई हाइड्रोलिक मशीनें भी आएगी। दरअसल, हरियाणा में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बहुमंजिला इमारतों के निर्माण लगातार हो रहे हैं।

प्रदेश का फायर विभाग इस हिसाब से अपडेट नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि अधिकांश जिलों में ऊंची इमारतों तक पहुंचने वाली हाइड्रोलिक लैडर तक उपलब्ध नहीं हैं और कई बार आग बुझाने के लिए दूसरे जिलों से वाहन मंगाने पड़ते हैं।

जल्द खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण

अग्निशमन विभाग के निदेशक आईएफएस शेखर विद्यार्थी के अनुसार विभाग में संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए कई प्रस्तावों पर काम चल रहा है। विभाग प्रदेशभर के फायर स्टेशनों पर वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत करीब 500 से 800 वायरलेस उपकरणों की खरीद की जाएगी।

इसके अलावा फायर सूट, कंबी टूल और अन्य आधुनिक उपकरण भी खरीदे जाएंगे ताकि अग्निशमन कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके।

16 नई हाइड्रोलिक मशीनें खरीदने की तैयारी

विभाग ने 16 नए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और टर्नटेबल लैडर खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है। इनमें विभिन्न ऊंचाई क्षमता वाले उपकरण शामिल हैं, 104 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, 90 मीटर क्षमता वाले प्लेटफॉर्म, 70 मीटर, 68 मीटर, 55 मीटर और 42 मीटर क्षमता की टर्नटेबल लैडर, फोम टेंडर और वाटर मिस्ट सिस्टम।

हालांकि इनकी खरीद की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक स्तर पर है और फिलहाल कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है।

50 प्रतिशत से ज्यादा पद खाली

अग्निशमन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि विभाग में स्वीकृत पदों की तुलना में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। करीब 3831 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 1852 कर्मचारी कार्यरत हैं। यानी लगभग 52 प्रतिशत पद रिक्त हैं। ऐसे में बढ़ते शहरी क्षेत्रों और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

दमकल वाहनों की भी कमी

प्रदेश में वर्तमान में करीब 485 फायर वाहन उपलब्ध हैं, जबकि आवश्यकता 671 वाहनों की बताई जा रही है। यानी विभाग को अभी भी लगभग 186 अतिरिक्त वाहनों की जरूरत है। संसाधनों की कमी के कारण कई बार किसी बड़े अग्निकांड के दौरान पड़ोसी जिलों से सहायता लेनी पड़ती है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं।