June 4, 2026
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  • 60 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी; रोहतक-सिरसा सबसे गर्म

हरियाणा ब्रेेकिंग न्यूज : हरियाणा में गर्मी के बीच मौसम विभाग ने करवट बदलने की चेतावनी जारी की है। आज प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहेगा। मौसम विभाग ने फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम और फरीदाबाद में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

यहां 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके अलावा सिरसा, भिवानी, चरखीदादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर और पंचकूला के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं तापमान की बात करें तो प्रदेश में अधिकतम तापमान में औसतन 2.6°C की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में रोहतक सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.1°C दर्ज किया गया। इसके अलावा सिरसा में 42.0°C और हिसार में पारा 40.5°C दर्ज हुआ।

6 जून तक सक्रिय रहेंगे दो पश्चिमी विक्षोभ

हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, 2 पश्चिमी विक्षोभों के आंशिक प्रभाव से 6 जून तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान बीच-बीच में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं और हवा की दिशा में भी बदलाव देखने को मिलेगा। पहला पश्चिमी विक्षोभ 3 जून और दूसरा 4 जून को पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा।

पंजाब के ऊपर बनेगा साइक्लोनिक सर्कुलेशन
डॉ. खीचड़ ने बताया कि पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है। इसके आंशिक प्रभाव से 6 जून तक हरियाणा के अधिकांश क्षेत्रों में बीच-बीच में मध्यम से तेज गति की हवा चल सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की भी संभावना है। इस दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश भी हो सकती है। हालांकि, दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

अभी तक 18% ज्यादा बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के मुताबिक, 1 मार्च से 31 मई तक प्रदेश में 52.4 मिमी. बारिश हुई है। औसतन बारिश 44.6 मिमी. होती है। यानी सामान्य से 18% ज्यादा बारिश हुई है। अब जो बारिश होगी, वह मानसून की बारिश मानी जाएगी। प्रदेश में जून-सितंबर तक मानसून का सीजन होता है। अब सर्कुलेशन पश्चिमी विक्षोभ असर दिखाएंगे।