May 30, 2026
30 may 6
  • 2 हजार एकड़ पर नया मानक लागू

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा में सरकार पटवार सर्किलों का रिस्ट्रक्चरिंग करेगी। इसको लेकर सरकार की ओर से भी जिलों के डीसी को ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत अब रकबे के आधार पर नहीं, कार्यभार और आबाादी के आधार पर पटवारी के क्षेत्र का निर्धारण होगा।

अब तक पटवार सर्किलों का गठन मुख्य रूप से भूमि क्षेत्र (AN) के आधार पर होता था। सरकार का कहना है कि तेजी से शहरीकरण, म्यूटेशन मामलों में वृद्धि, डिजिटल फसल सर्वे, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और अन्य प्रशासनिक कार्यों के कारण पटवारियों का कार्यभार काफी बढ़ गया है, इसलिए अब केवल जमीन के रकबे की बजाय कार्यभार आधारित मॉडल अपनाया जाएगा।

यहां पढ़िए नई व्यवस्था के मेन प्वाइंट…

1. एक पटवार सर्किल का नया मानक: सामान्यतः एक पटवार सर्किल में लगभग 2000 एकड़ कृषि योग्य भूमि होगी। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार यह सीमा 1500 से 2500 एकड़ तक हो सकती है।

2. आबादी को भी माना जाएगा: प्रत्येक पटवार सर्किल में संबंधित राजस्व एस्टेट की अबादी देह भी शामिल होगी। 2025 के नए हरियाणा आबादी देह अधिनियम को ध्यान में रखकर सर्किल बनाए जाएंगे।

3. जनसंख्या आधारित पुनर्गठन: जिन क्षेत्रों में आबादी अधिक है और लोगों से संबंधित काम ज्यादा हैं, वहां छोटे पटवार सर्किल बनाए जा सकते हैं। ऐसे क्षेत्रों में कृषि भूमि का क्षेत्रफल 1500 एकड़ तक सीमित रखा जा सकता है। जहां आबादी कम है, वहां एक पटवारी के अधीन 2500 एकड़ तक भूमि रखी जा सकती है।

आदेश का होगा महत्व

पटवारियों पर बढ़ते कार्यभार का वैज्ञानिक आकलन होगा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग जरूरतों के अनुसार सर्किल तय होंगे। भूमि रिकॉर्ड, म्यूटेशन और नागरिक सेवाओं में तेजी आने की उम्मीद है। कई जिलों में नए पटवार सर्किल बनने या मौजूदा सर्किलों के पुनर्गठन की संभावना है, जिससे अतिरिक्त पटवारी पदों की आवश्यकता भी पैदा हो सकती है।