May 21, 2026
21 may 12
  • प्रोफेसर ने उठाए थे योग्यता पर सवाल

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के औपचारिक निरीक्षण के लिए गठित कमेटी संबंधी आदेशों को वापस ले लिया है। विभाग की ओर से जारी पत्र में 21 अप्रैल, 2026 के आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की जानकारी दी गई है।

दरअसल, उच्च शिक्षा विभाग ने अप्रैल में एक कमेटी गठित की थी, जिसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षण गतिविधियों की गुणवत्ता का निरीक्षण करना था। इस कमेटी में शिक्षा मंत्री के पीएस करण सिंह, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद (HSHEC) के सदस्य डॉ. सतरूप ढांडा और शिक्षा मंत्री के पीए प्रदीप जागलान को शामिल किया गया था।

कमेटी में शामिल शिक्षा मंत्री के पीए प्रदीप जागलान की योग्यता को लेकर विभाग के प्रोफेसर सोशल मीडिया पर मुखर हो रहे थे। उनका कहना था कि शिक्षा मंत्री के PA प्रदीप जागलान के पास कौनसी टेक्निकल दक्षता है, जिसके आधार पर उसके कमेटी में लिया गया है। जबकि विभाग से किसी भी सीनियर अधिकारी को कमेटी में शामिल नहीं किया गया है। विरोध बढ़ता देख विभाग की ओर से फैसला बदला गया है।

ये था कमेटी का काम

कमेटी हरियाणा के सभी राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों, सरकारी कॉलेजों, सहायता प्राप्त कॉलेजों और सेल्फ फाइनेंसिंग कॉलेजों में औपचारिक निरीक्षण करने वाली थी। आदेश में कहा गया था कि निरीक्षण के जरिए संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।

अब उच्च शिक्षा विभाग ने नया आदेश जारी कर पूर्व में जारी कमेटी गठन संबंधी आदेश को वापस ले लिया है। विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के रजिस्ट्रार व प्राचार्यों को इसकी जानकारी देते हुए निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है।