May 14, 2026
14 may 11
  • हरियाणा-पंजाब स्टेट हाईवे किया जाम

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र के गांव बबनपुर ढाणी में 43 वर्षीय गुरदीप कौर की जहरीला पदार्थ निगलने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद शव को लेकर मायका और ससुराल पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे विवाद बढ़ गया। पहले रतिया के नागरिक अस्पताल में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।

बाद में शव ले जाने को लेकर गुरुवार को दोनों पक्ष फिर से भिड़ पड़े। दोनों ही पक्ष शव ले जाने को लेकर रोष जताते रहे। एम्बुलेंस के आगे अड़कर फतेहाबाद-बुढ़लाडा स्टेट हाईवे जाम कर दिया गया। इसके बाद सिटी थाना प्रभारी पुष्पा, एएसपी दिव्यांशी सिंगला मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया।

इसके बाद एंबुलेंस के पीछे-पीछे ही लोग चल दिए। पुलिस ने तेजी से एंबुलेंस निकलवाई और शव लेकर श्मशान घाट पहुंच गई। जहां श्मशान घाट का गेट बंद करवा दिया गया। मगर लोग दीवार कूदकर श्मशान घाट में घुस गए और अंतिम संस्कार रुकवाने का प्रयास किया। स्थिति काफी देर तक तनावपूर्ण बनी रही। इसके बाद मृतका के भाई और बेटे ने मुखाग्नि दी।

सोमवार को निगला था जहर, हिसार में मौत

जानकारी के अनुसार, गुरदीप कौर ने सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ निगल लिया था। उन्हें पहले रतिया के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में हिसार के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। बुधवार सुबह करीब चार बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतका मूलरूप से पंजाब के जिला मानसा स्थित गांव बरे की रहने वाली थी। मृतका के भाई अवतार सिंह ने आरोप लगाया है कि गुरदीप कौर लंबे समय से पारिवारिक कलह और प्रताड़ना से परेशान थीं। उन्होंने जेठ कुलदीप सिंह, जेठानी परविंदर और परिवार के अन्य सदस्यों पर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया।

बुधवार को शव का पोस्टमार्टम रतिया के नागरिक अस्पताल में करवाया गया। इस दौरान शव को ले जाने को लेकर मायका और ससुराल पक्ष फिर आमने-सामने आ गए। अस्पताल परिसर में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।

दोनों पक्षों में नहीं बन पाई सहमति

मामले को सुलझाने के लिए बुधवार देर शाम प्रिंसिपल परमजीत सिंह संधा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। हालांकि, देर रात तक भी दोनों पक्षों में कोई सहमति नहीं बन पाई। विवाद के चलते शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में ही रखा गया।

गुरुवार को जब शव एम्बुलेंस में रखकर परिजनों को सौंपा गया, तो दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए। शव को साथ ले जाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोगों ने एम्बुलेंस को घेर लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।