May 13, 2026
13 may 12
  • कांग्रेस MLA ने लगाई PIL, तत्काल सुनवाई की अनुमति, सरकार ने बुलाई मीटिंग

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के विभिन्न शहरों में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण हो रहे गंभीर सफाई संकट और कूड़े के ढेर को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में शहरी सफाई व्यवस्था बहाल करने, जमा कूड़े को तुरंत हटाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता गोकुल सेतिया ने याचिका में सिरसा समेत हरियाणा के कई शहरों में फैले कूड़े के ढेर और स्वच्छता की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि इससे आम जनजीवन और जन स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। याचिका में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की भी अपील की गई है।

मुख्य न्यायाधीश ने दी तत्काल सुनवाई की अनुमति

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश ने याचिका पर तत्काल सुनवाई की अनुमति प्रदान कर दी है। इस PIL की सुनवाई 14 मई को होगी। याचिका में राज्य सरकार, संबंधित नगर निगमों, नगर पालिकाओं और स्वास्थ्य विभाग को उत्तरदायी ठहराते हुए निर्देश देने की मांग की गई है कि सफाई सेवाएं तुरंत बहाल की जाएं, जमा कूड़ा उठाया जाए और महामारी की आशंका को रोकने के लिए आवश्यक स्वास्थ्य उपाय किए जाएं।

सरकार ने बुलाई मीटिंग

हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में पिछले 12 दिनों से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार ने सफाई कर्मचारी यूनियनों के साथ बातचीत के लिए अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक आज सुबह 11 बजे हरियाणा निवास में होगी। जिसमें हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करेंगे।

राज्यभर में जारी हड़ताल के कारण नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में सफाई कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई शहरों में सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में बढ़ते कचरे के कारण दुर्गंध और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

समाधान के प्रयास में सरकार

सरकार ने हड़ताल समाप्त करवाने और सफाई व्यवस्था जल्द बहाल करने के उद्देश्य से यह बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों, ठेका व्यवस्था, नियमितीकरण, वेतन, सेवा सुरक्षा और अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, सरकार चाहती है कि बातचीत के माध्यम से सहमति बनाकर हड़ताल समाप्त कराई जाए, ताकि शहरों में सामान्य सफाई व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल हो सके।

यूनियन की मांगों पर होगी चर्चा

सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इनमें प्रमुख रूप से कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, समान काम के लिए समान वेतन, निजीकरण का विरोध और सेवा शर्तों में सुधार जैसी मांगें शामिल हैं।

यूनियन प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि सरकार और कर्मचारियों के बीच होने वाली इस बैठक को गतिरोध खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आम जनता को राहत की उम्मीद

राज्य के अधिकांश शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बाजारों और कॉलोनियों में जमा कचरे के कारण स्थानीय निकायों पर भी दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में बुधवार की बैठक से समाधान निकलने और हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।