- दोनों राज्यों के CM होंगे शामिल, केंद्रीय मंत्री करेंगे मध्यस्थता
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दिल्ली में पानी के मुद्दे को लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में आज दिल्ली में बैठक हो रही है। ये बैठक सुबह 10 बजे होगी। इस अहम बैठक में यमुना के पानी की हिस्सेदारी और अन्य जल परियोजनाओं पर चर्चा हो सकती है।
इस अहम बैठक में यमुना जल समझौते को लेकर चर्चा होगी, जिसमें करीब तीन दशकों से लंबित इस समझौते को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। बैठक में राजस्थान को यमुना का अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने पर बात हो सकती है। वहीं दोनों राज्यों के बीच अन्य जल परियोजनाओं पर भी बातचीत हो सकती है।
पानी की किल्लत पर चर्चा संभव
बैठक में खासतौर पर साउथ हरियाणा में पानी की कमी और राजस्थान के सूखाग्रस्त जिलों को पानी पहुंचाने की योजना पर भी बात हो सकती है। वहीं इस बैठक में गर्मियों के इस मौसम को देखते हुए पैदा होने वाले पानी की किल्लत को लेकर भी चर्चा हो सकती है। वहीं बीबीएमबी से मिलने वाले पानी को लेकर भी दोनों राज्यों की बात हो सकती है। बीते साल पंजाब ने हरियाणा और राजस्थान को अतिरिक्त पानी देने से इनकार कर दिया था, जिससे इस मुद्दे को लेकर सियासत भी खूब हुई थी।
एक साल पहले हुई थी बैठक
इससे पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की संयुक्त बैठक हुई थी। बैठक में हथिनी कुंड से यमुना नदी का सरप्लस पानी राजस्थान को उपलब्ध कराने के मुद्दे पर चर्चा की गई थी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया था कि इस बैठक में यमुना नदी का सरप्लस पानी राजस्थान को उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत चर्चा हुई। इस विषय पर जल्द ही हरियाणा और राजस्थान के अधिकारियों की एक संयुक्त टास्क फोर्स बनाई जाएगी, ताकि आने वाले दिनों में इस योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा सके।
केंद्र भेज चुका विशेषज्ञ दल
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की पहल पर दोनों राज्यों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। बैठक में उन्होंने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में सेम की समस्या के समाधान के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से तकनीकी सहयोग की मांग भी की गई थी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने इस संबंध में जल्द ही एक तकनीकी दल राज्य में भेजने का आश्वासन दिया।
पूर्व CM खट्टर ने की थी पहल
पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने अपने कार्यकाल के दौरान करीब 11 महीने पहले इस पर सहमति जताई थी। तब तत्कालीन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री भैरो सिंह शेखावत की मध्यस्थता में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में हरियाणा ने तय किया था कि हथिनी कुंड से जरूरत के मुताबिक पानी लेने के बाद जो अतिरिक्त पानी बचेगा, उसे राजस्थान को दिया जाएगा। यह पानी हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों में सप्लाई किया जाएगा।
बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद थे। दोनों राज्यों के बीच तय हुआ था कि हरियाणा बरसात के मौसम में यमुना का अतिरिक्त पानी राजस्थान को देगा। यमुना का यह पानी दक्षिण हरियाणा से राजस्थान को दिया जाएगा और राजस्थान इस पानी को स्टोर करेगा, ताकि पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
दोनों राज्यों के बीच का समझौता
हरियाणा पहले हुए समझौते और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार दिल्ली को यमुना से मिलने वाला पानी देता रहेगा। इसमें कोई कटौती नहीं की जाएगी। राजस्थान में पानी की कमी है, इसलिए हरियाणा ने राजस्थान के साथ यह समझौता किया था। केंद्र के बाद हरियाणा और अब राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने के बाद वहां के मुख्यमंत्री भजनलाल ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के माध्यम से यह प्रस्ताव रखा था।
राजस्थान के तीन जिलों को होगा फायदा
हरियाणा ने इस प्रस्ताव को इसलिए स्वीकार किया है क्योंकि इससे हरियाणा को नुकसान नहीं बल्कि फायदा है। दोनों राज्यों के अधिकारी इस बात की कार्ययोजना तैयार करेंगे कि बरसात के मौसम में कितना अतिरिक्त पानी है और उसे किस माध्यम से राजस्थान भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी यमुना की क्षमता को पूरी तरह से संरक्षित किया जाएगा। गजेंद्र शेखावत ने कहा था कि इस समझौते से राजस्थान के सीकर, झुंझुनू और चूरू को फायदा होगा जहां पानी की उपलब्धता नहीं है
राजस्थान 20 साल से दे रहा है सुझाव
हथिनी कुंड बैराज की जल संग्रहण क्षमता से अधिक पानी राजस्थान को दिया जाएगा। यह सुझाव राजस्थान की ओर से पिछले 20 साल से दिया जा रहा था, लेकिन इस पर किसी ने पहल नहीं की।
अब उन्हें खुशी है कि राजस्थान और हरियाणा के सीएम ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। अब एमओयू के बाद हथिनी कुंड बैराज से चार पाइपलाइन निकाली जाएंगी, जिनमें से 3 लाइनें राजस्थान और एक पाइपलाइन हरियाणा के लिए होगी।