April 4, 2026
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  • नारनौल बिजली निगम का मैसेज देख उड़े होश
  • बोले- मेरी एक चक्की, बिल्ड यूनिट 9,99,99,429 दर्शाई

हरियाणा : ब्रेेकिंग न्यूज : हरियाणा के नारनौल में यूथ कांग्रेस के जिला प्रधान के घर का 78 करोड़ 92 लाख रुपए का बिजली बिल भेज दिया गया। इस बिल का मैसेज उनके मोबाइल पर आया, जिसे देखने के बाद उनके होश उड़ गए।

सबसे खास बात यह है कि विभाग की ओर से जारी बिल में अप्रैल 2026 की बिलिंग अवधि दिखाई गई है, जबकि मीटर रीडिंग मात्र 6 दिनों की बताई गई है। बिल में बिल्ड यूनिट्स 9,99,99,429 दर्शाई गई हैं, जो किसी भी उपभोक्ता के लिए असंभव है।

मैसे आने के बाद वे तुरंत दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के दफ्तर पहुंचे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। कांग्रेस नेता का आरोप लगाया है कि यह बिल जानबूझकर भेज गया है। उनकी एक छोटी से आटा चक्की है, जो दो साल से बंद पड़ी है।

उधर, बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता शिवराज सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। बिल में हुई गड़बड़ी को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है।

मां के नाम से लिया हुआ है कनेक्शन 

यूथ कांग्रेस के जिला प्रधान पुनीत बुलाना ने बताया कि उनका गांव हसनपुर है। उन्होंने बिजली का एक एनडीएस दस किलोवाट का कनेक्शन लिया हुआ है। यह कनेक्शन उनकी मां बिमला देवी के नाम से है। इस कनेक्शन से एक छोटी आटा पिसाई की चक्की चलती थी, जो अब दो साल से बंद पड़ी है।

फोन पर आया 78 करोड़ के बिल का मैसेज

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उसके पास निगम का मोबाइल फोन पर मैसेज आया। इस मैसेज को देखकर वे हैरान रह गए। उनके पास निगम का जो मैसेज आया, उसमें उनके मां के नाम से लिए गए इस कनेक्शन का छह माह का बिल 78 करोड़ 92 लाख रुपए दिखा दिया।

9,99,99,429 यूनिट दर्शाई

उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से जारी बिल में अप्रैल 2026 की बिलिंग अवधि दिखाई गई है, जबकि मीटर रीडिंग मात्र 6 दिनों (15 मार्च से 21 मार्च 2026) की बताई गई है। बिल में दर्ज आंकड़ों के अनुसार कुल देय राशि ₹78,92,75,697 है। इसमें एनर्जी चार्जेस ₹71,69,95,908 और म्युनिसिपल टैक्स ₹1,52,79,316 दर्शाया गया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि बिल में बिल्ड यूनिट्स 9,99,99,429 दर्ज हैं, जो किसी भी उपभोक्ता के लिए असंभव संख्या मानी जा रही है।

मार्च में किया था ₹63,546 का भुगतान 

पुनीत के अनुसार इससे पहले उनका बिजली बिल सामान्य आता रहा है। मार्च माह में उन्होंने लगभग ₹63,546 का भुगतान किया था, लेकिन इस बार अचानक करोड़ों रुपए का बिल आने से वे पूरी तरह से परेशान हो गए। बिल पर 8 अप्रैल 2026 अंतिम तिथि दर्ज है। नियत समय पर भुगतान नहीं करने पर सरचार्ज लगने से यह राशि 80 करोड़ रुपए से भी अधिक हो सकती है।

जांच के बाद होगा ठीक बिल

बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता शिवराज सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और बिल में हुई गड़बड़ी को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट होने के बाद आवश्यक सुधार किया जाएगा।

एंट्री में तकनीकी गड़बड़ी 

प्रारंभिक तौर पर यह मामला सॉफ्टवेयर की तकनीकी गड़बड़ी या डाटा एंट्री में हुई मानवीय गलती का परिणाम माना जा रहा है। हालांकि अभी तक विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आमतौर पर ऐसे मामलों में विभाग बिल को रद्द कर संशोधित बिल जारी करता है, लेकिन इतने बड़े आंकड़े के सार्वजनिक होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।