- BEO को खर्च का देना होगा ब्योरा
हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना को अगले वित्त वर्ष 2026-27 में भी जारी रखने का फैसला लिया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना के तहत कक्षा पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त यातायात की सुविधा दी जाती है।
हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए निशुल्क विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना चलाई है। वहीं शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों और मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देश के अनुसार निशुल्क विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के तहत खर्च की गई राशि की रिपोर्ट 15 अप्रैल तक जमा करें। परिवहन योजना की राशि और ब्याज जमा न करने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी।
स्टूडेंट की डिमांड पर शुरू होगी सेवा
पहले यह योजना प्रदेश के 22 जिलों के 22 ब्लॉकों तक सीमित थी, लेकिन अब जहां से भी मांग आएगी, वहां विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार विद्यार्थियों के स्कूल आने-जाने के परिवहन खर्च को खुद वहन करेगी। कक्षा पहली से 12वीं तक के उन विद्यार्थियों के लिए यह योजना लागू की गई थी जिन्हें स्कूल पहुंचने के लिए निर्धारित दूरी से अधिक सफर तय करना पड़ता है। इस योजना का संचालन संबंधित स्कूलों की प्रबंधक समितियों की ओर से किया जा रहा है।
प्राचार्य के खाते में आती है राशि
योजना के संचालन के लिए स्कूल प्राचार्य के माध्यम से विशेष बैंक खातों में राशि भेजी जाती है।अब शिक्षा निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित ब्लॉक स्तर पर खर्च की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र और खाते में जमा ब्याज की राशि की रसीद जमा करवाए।
जिला शिक्षा अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश हैं कि प्रक्रिया की रिपोर्ट परीक्षा शाखा की ईमेल आईडी पर भेजी जाए। यदि तय समय सीमा तक यह कार्य पूरा नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
पूर्व सीएम खट्टर ने शुरू की योजना
पूर्व सीएम मनोहर लाल ने 16 जनवरी 2024 को विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना की शुरुआत की थी। यह योजना हर जिले के एक खंड में लागू की गई थी। बाद में इसे पूरे जिले में लागू कर दी गई। इसके तहत कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों को परिवहन व्यवस्था दी जानी है।
50 से अधिक छात्र होने पर दूरदराज के स्कूलों में जाने वाले छात्रों को मुफ्त बस सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी। जिन गांवों में विद्यार्थियों की संख्या पांच से दस है, वहां शिक्षा विभाग की ओर से परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है।