March 5, 2026
5 march 13
  • मिड्‌ढा बोले- एक पति-पत्नी कभी नहीं झगड़ते, हुड्‌डा का जवाब- ये अपनी बात बता रहे

हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के आठवें दिन की कार्यवाही चल रही है। पहले प्रश्नकाल हुआ। अब बजट पर चर्चा चल रही है। डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्‌ढा ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक कॉलोनी में रहने वाले एक दंपती कभी नहीं झगड़ते थे। कॉलोनी वालों ने उन्हें दिवाली पर सम्मानित किया। लोगों ने उनसे उनके कभी न झगड़ने का कारण पूछा।

उस व्यक्ति ने जवाब दिया कि उनके बीच झगड़े का कोई विषय ही नहीं है। घर के छोटे फैसले पत्नी लेती हैं, जबकि बड़े फैसले मैं लेता हूं। बच्चों को कौन से स्कूल-कॉलेज में पढ़ाना है, कौन सी ड्रेस लेनी है, शादी कहां करनी है – ये सभी फैसले पत्नी लेती हैं। लोगों ने फिर पूछा कि बड़े फैसले क्या हैं? तो व्यक्ति ने कहा कि रूस-यूक्रेन का युद्ध होना चाहिए या नहीं, भारत-पाकिस्तान करना चाहिए या नहीं – ये फैसले मैं लेता हूं।

इस पर, साइड में बैठे नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने मिड्‌ढा से चुटकी लेते हुए कहा, “ये आप अपनी बात बता रहे हैं क्या?” इस पर सदन में मौजूद सभी सदस्य हंसने लगे।

भुक्कल-पंवार आमने-सामने हुए

प्रश्नकाल में गांव के तालाबों को लेकर कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल और मंत्री कृष्णलाल पंवार आमने-सामने दिखे। गीता भुक्कल ने कहा कि तीन-तीन बार सवाल लगाए, मगर जवाब एक सा मिल रहा है। हम बार-बार एक मांग कर रहे हैं कि स्वच्छ तालाब दिए जाएं। अमृत सरोवर योजना में तीन करोड़ रुपए लगाए, इतने में तो हमारे एरिया के तालाब ठीक हो जाते। मेरे पास 68 फोटो हैं मैं आपको सेंड कर दूंगी। गांव के तीन बच्चे तालाब में डूब गए थे। कोई काम नहीं कर रहा।

इसके जवाब में मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि वाटर लेवल के कारण काम बंद करना पड़ा। छुछकवास, बहु गांव, मोडाखेड़ा गांव में वाटर लेवल ऊंचा है। सिंचाई और पंचायत विभाग इसका समाधान निकालेगा।

कादियान बोले- घी पियो और मौज उड़ाओ

कांग्रेस विधायक रघुबीर कादियान ने बजट पर तंज कसते हुए कहा कि इसका मतलब है “घी पियो और मौज उड़ाओ”। उन्होंने SYL के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि पहली बार बजट में इसका कोई जिक्र नहीं है और न ही इसके लिए कोई धनराशि आवंटित की गई है। SYL हरियाणा की जीवन रेखा है और किसान इससे उम्मीद लगाए बैठे हैं।

2016 में इस पर अंतिम फैसला आ गया था और 2022 में विधानसभा में एक प्रस्ताव भी पारित हो गया था। ऐसे में, मुख्यमंत्री को राजनीति से ऊपर उठकर पहल करनी चाहिए और विधानसभा में एक प्रस्ताव लाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि विधायकों सहित 105 लोगों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। अगर पांच मिनट के लिए भी पानी नाके पर रुक जाए तो हरियाणा में खून हो जाते हैं, और यहां तो इतने साल हो गए हैं।

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जब खट्टर मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने कहा था कि वे अवमानना का केस करेंगे और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से मिलेंगे, लेकिन कोई मुलाकात नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है और जब तक अवमानना का मामला नहीं दायर किया जाएगा, तब तक यह मुद्दा कैसे हल होगा?

इस पर मंत्री राव नरबीर ने कहा कि यह मुद्दा 1987 से चल रहा है और आज तक एसवाईएल का पानी हरियाणा में नहीं आया है। हालांकि, हरियाणा में पानी जरूर आएगा और लोगों को मोदी पर भरोसा रखना चाहिए। कादियान ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि अगर एसवाईएल में पानी नहीं आया तो आने वाली पीढ़ियां कभी माफ नहीं करेंगी।