PGT और हैडमास्टर होंगे प्रमोट, एक सप्ताह में प्रोफार्मा भेजने के आदेश
हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा शिक्षा विभाग एक बार फिर से अपने 150 PGT को प्रिंसिपल प्रमोट करने की तैयारी कर रहा है। जिसके लिए विभाग ने सभी DEO को पत्र लिखकर केस मांगे हैं। एक सप्ताह के दौरान प्रदेश भर के जिला शिक्षा अधिकारियों को ये केस भेजने हैं।
हरियाणा में दो माह पहले भी शिक्षा विभाग ने 218 PGT को प्रमोट कर प्रिंसिपल बनाया था। उस समय प्रदेश के 349 स्कूलों में प्रिंसिपल के पद खाली थे। जिसके लिए 218 PGT को प्रमोट कर प्रिंसिपल बनाया गया। अभी रिटायरमेंट के चलते करीब 150 के करीब पद फिर से खाली हो गए हैं। जिसके चलते विभाग एक बार फिर से प्रमोशन कर इन खाली पदों को भरने की तैयारी कर रहा है।
8 पाइंट में जानिए महत्वपूर्ण बातें
सेवानिवृत्त अधिकारियों के मामले न भेजे जाए।
जिन अधिकारियों ने पहले पदोन्नति न लेने का विकल्प चुना था और एक वर्ष बीत चुका है, वे भी अपने संबंधित जिला प्रमुख के माध्यम से पदोन्नति के लिए अपने मामले भेज सकते हैं।
जो अधिकारी पदोन्नति नहीं लेना चाहते, वे अपने संबंधित जिला प्रमुख के माध्यम से वचन पत्र सहित अपनी सहमति भेज सकते हैं।
पदोन्नति के मामले संलग्न प्रपत्र के अनुसार अनुलग्नकों जैसे कि मास्टर डिग्री (मार्कशीट सहित), बी.एड. डिग्री, सारांश पत्र, शिकायत/जांच/अनुशासनात्मक कार्रवाई/आपराधिक कार्यवाही का प्रमाण पत्र, जिस पर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के विधिवत हस्ताक्षर हों, के साथ भेजे जा सकते हैं।
व्यक्तिगत फाइलें/सेवा पुस्तिकाएं पदोन्नति के मामलों के साथ न भेजें, क्योंकि उन पर विचार नहीं किया जाएगा।
राज्य पुरस्कार आदि के कारण 58 वर्ष से अधिक सेवा विस्तार पर कार्यरत अधिकारियों के मामले सेवा विस्तार आदेश और राज्य पुरस्कार के सत्यापित प्रमाण पत्र के साथ भेजे जाने चाहिए।
यदि किसी अधिकारी का निधन हो जाता है, तो मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाए और ऐसे अधिकारी की एमआईएस प्रोफाइल को इस जानकारी से अपडेट किया जाए।
पदोन्नति के लिए विचाराधीन अधिकारियों को यह निर्देश भी दे सकते हैं कि वे अपनी एमआईएस प्रोफाइल को अनुमोदित रखे और सटीक एवं स्पष्ट जानकारी से अपडेट रखे।