- हरियाणा में प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन का एक और मौका
हरियाणा में ‘चिराग’ योजना में लाभ से वंचित रहे छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने उन निजी स्कूलों के लिए चेकिंग पोर्टल दोबारा खोलने का निर्णय लिया है, जिनका डेटा लंबित था या जिन्हें अपात्र घोषित किया गया था। यह पोर्टल 23 से 30 जनवरी तक खुला रहेगा।
शिक्षा निदेशालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी आदेश में बताया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान 10वीं कक्षा के परिणाम घोषित होने में देरी हुई। जहां दाखिला प्रक्रिया पहली से 30 अप्रैल 2025 तक निर्धारित थी, वहीं 10वीं का परिणाम 15 जून, 2025 को घोषित किया गया। इस कारण कई पात्र छात्र ‘चिराग’ योजना के तहत तय समय में दाखिला नहीं ले सके।
मार्कशीट, स्टूडेंट्स डिटेल अपलोड कर सकेंगे
आदेश के अनुसार, ऐसे छात्र जिन्होंने 15 जुलाई, 2025 तक 10वीं से 11वीं में दाखिला ले लिया, लेकिन ‘चिराग’ योजना के तहत उनका डेटा अपलोड नहीं हो पाया, अब वे पोर्टल खुलने के दौरान अपनी मार्कशीट, छात्र विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे वास्तविक रूप से पात्र छात्रों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
276 स्कूलों को राहत
शिक्षा निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि 276 निजी स्कूलों को कुछ कक्षाओं के लिए पात्र और कुछ के लिए अपात्र पाया गया है। इसका मुख्य कारण स्कूलों द्वारा मान्यता से संबंधित अधूरे दस्तावेज अपलोड करना बताया गया है। कई स्कूल सीनियर सेकेंडरी तक मान्यता प्राप्त होने के बावजूद केवल सेकेंडरी स्तर तक के दस्तावेज अपलोड कर रहे थे।
अभिभावकों को मिलेगी राहत
शिक्षा विभाग के इस निर्णय से उन छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो समय सीमा के कारण ‘चिराग’ योजना से बाहर हो गए थे। विभाग का कहना है कि यह कदम योजना के उद्देश्य के अनुरूप है, ताकि किसी भी पात्र छात्र को तकनीकी कारणों से लाभ से वंचित न रहना पड़े।
मान्यता दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य
ऐसे सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना पूर्ण और सही मध्यता प्रमाण-पत्र पोर्टल पर अपलोड करें। जिला शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके जिलों के संबंधित स्कूल तय समय सीमा के भीतर सभी लंबित दस्तावेज जमा करें।
निदेशालय के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि वे अपने-अपने जिलों में स्थित निजी स्कूलों से समन्वय स्थापित कर पोर्टल खुलने की अवधि में सभी लश्चित छात्र डेटा और मान्यता दस्तावेज समय पर अपलोड करवाएं।