
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार, एनजीओ व समाज के सभी लोग मिलकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए हरियाणा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने सभी विभागों के सहयोग एवं जन भागीदारी के साथ समाज से नशे और नशे के व्यापार को जड़मूल से समाप्त करने तथा एक ठोस और सामुहिक प्रयास को क्रियान्वित करने के लिए एक राज्य कार्य योजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि नशे में लिप्त हो रहे युवाओं के स्वास्थ्य वर्धन और उनके पुनर्वास के लिए ब्यूरो की यह पहल अनूठी साबित होगी। इस प्लान में नशे से ग्रस्त व्यक्ति की पहचान करके उसे उचित परामर्श और चिकित्सा देकर उसका पुनर्वास किया जाना शामिल है।
उन्होंने बताया कि युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें रचनात्मक कार्याे विशेषकर खेलों से जोडऩे के लिए प्रदेश में 1100 खेल नर्सरियां बनाई जा रही है, इनसे युवाओं में खेलों का रूझान बढ़ेगा और उनमें खेल भावना का सृजन होगा। खेलों को बढ़ावा देने से हरियाणा देश में खेल हब बनने जा रहा है। आर्थिक दृष्टि के साथ-साथ हरियाणा खेलों में भी स्वावलंबी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि गांव-गांव में दो एकड़ में पार्क/व्यामशाला बनाने की योजना है, इनमें 1 हजार कोच व योग शिक्षक भर्ती किये जाएंगे और यह योजना प्रदेश के 6 हजार गांव में लागू करेंगे। खेलों के साथ-साथ शिक्षा पर भी प्रदेश में जोर दिया जा रहा है और युवाओं को पुस्कालय से जुडऩे के लिए प्रेरित किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए उक्त एक्शन प्लान के तहत स्कूल, कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में धाकड़ कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। धाकड़ का अर्थ उन्होंने हिम्मत वाला व्यक्ति बताया। धाकड़ कार्यक्रम पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि क्लास के पांच बच्चों का एक गु्रप बनाया जाएगा, जो सुस्त, एकाकी रहने वाले व चोरी छिपे नशा करने वाले बच्चे की पहचान करेंगे और उसकी सूचना क्लास टीचर यानी सीनियर धाकड़ को देंगे। सीनियर धाकड़ सूचना प्राप्त करने के बाद संबंधित प्रिंसिपल/हैड मास्टर को रिपोर्ट करेंगे जो नोडल धाकड़ कहलायेगा।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन और सुपरविजन के लिए राज्य, जिला, उपमंडल, कलस्टर और गांव/वार्ड स्तर पर मिशन टीमें, नशे से ग्रस्त व्यक्ति की काउंसिलिंग, उपचार व पुनर्वास के लिए काम करेंगी। गांव स्तर पर 6538 टीमें, वार्ड मिशन की 1710 टीमें, 532 कलस्टर टीम, 72 सब डिविजन टीमें, 22 जिले स्तर की टीमें और 25 हजार कैमिस्टों की टीम एक्शन प्लान के तहत काम करेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऑडोटोरियम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को स्वयं नशा ना करने और दूसरों को भी नशे से दूर रहने की प्रेरणा देने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा रिमोट का बटन दबाने के बाद हांसी निवासी गायक सुभाष फौजी द्वारा रचित नशे के खिलाफ गीत का प्रसारण हुआ।