- MP के 3 डॉक्टर्स से 1.60 करोड़ की ठगी
- हरियाणा के आरोपी झांसी से पकड़ाए
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्राइम ब्रांच ने ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया। आरोपियों ने गड़ा हुआ सोना मिलने का झांसा देकर डॉक्टरों को निशाना बनाया। करीब 1.60 करोड़ की ठगी की। पुलिस ने एक ही परिवार के 4 लोगों को झांसी से गिरफ्तार किया।
जानकारी के मुताबिक, 1 डॉक्टर से 10 लाख रुपए, दूसरे डॉक्टर 50 लाख रुपए और तीसरे डॉक्टर 1 करोड़ की ठगी की गई। डेंटिस्ट पिता-पुत्र समेत 3 डॉक्टर से ठगी हुई है। इनमें से एक डॉक्टर यादव कॉलोनी में अस्पताल चलाते हैं।
जबलपुर क्राइम ब्रांच ने बताया, आरोपी हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले हैं। इनमें पन्नालाल राठौर (60), धर्मेन्द्र (34), वीरेन्द्र (30) और रामादेवी (52) शामिल हैं। आरोपियों की लोकेशन झांसी में मिली, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर उन्हें पकड़ा।
इलाज के बहाने संपर्क, फिर ‘गड़ा धन’ की कहानी
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले डॉक्टरों से इलाज के बहाने संपर्क करते थे। इसके बाद खुद को मजदूर बताकर कहते थे कि खुदाई में गड़ा हुआ सोना मिला है। वे इसे बेच नहीं पाने की बात कहकर सस्ते दाम में देने का लालच देते थे।
12 लाख रुपए प्रति किलो के हिसाब से करते थे डील
भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में 4-5 असली सोने की गिन्नियां देते थे, जो जांच में असली निकलती थीं। इससे पीड़ितों का विश्वास पक्का हो जाता था। इसके बाद आरोपी करीब 12 लाख रुपए प्रति किलो के हिसाब से बड़ी मात्रा में सोना देने का लालच देते थे।
सौदा तय होने पर वे नकली सोने की गिन्नियां या बिस्किट देकर रकम ले लेते थे। जब तक पीड़ित को धोखाधड़ी का पता चलता, आरोपी फरार हो जाते थे। इस तरह भरोसा बनाकर और लालच देकर ठगी को अंजाम दिया जाता था।
तीन अलग-अलग शिकायतों से खुला मामला
1 अप्रैल 2026: एक पीड़ित से 7 किलो नकली सोना देकर करीब 10 लाख रुपए की ठगी की गई।
3 अप्रैल 2026: दूसरी शिकायत में 5 किलो सोने के नाम पर 50 लाख रुपए लिए गए।
4 अप्रैल 2026: तीसरे मामले में 12 किलो नकली सोना देकर 1 करोड़ रुपए की ठगी की गई।
पुलिस ने ऐसे पकड़ा गिरोह
शिकायतें एसपी संपत उपाध्याय तक पहुंचने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम बनाई गई। आरोपियों ने अपना एक मोबाइल डॉक्टर्स के पास छोड़ दिया था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर झांसी में दबिश दी गई। उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह एक ही परिवार का है, जो संगठित तरीके से ठगी करता था। सभी आरोपी अलग-अलग भूमिकाएं निभाते थे। लोगों को विश्वास में लेकर बड़ी रकम ऐंठते थे।
1.55 करोड़ नकद, सोना और नकली गिन्नियां बरामद
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने पनागर क्षेत्र के किराए के मकान में रकम छिपाने की जानकारी दी। तलाशी में वहां से 1 करोड़ 55 लाख रुपए नकद, 84 ग्राम असली सोना, करीब 20 किलो नकली सोने की गिन्नियां और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
आगे की कार्रवाई जारी
एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने और किन लोगों को निशाना बनाया। साथ ही गिरोह के नेटवर्क और ठगी के पूरे पैटर्न की जांच जारी है।