April 2, 2026
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  • 21 फर्जी गेट पास काटे, भाकियू का आरोप- तत्कालीन DFSC का रोल

हरियाणा :ब्रेकिंग न्यूज :कुरुक्षेत्र जिले के धान खरीद के वक्त इंस्पेक्टर की आईडी-पासवर्ड चुराकर 21 एग्जिट गेट पास जनरेट कर दिए। साथ ही चार राइस मिलों की आईडी-पासवर्ड का दुरुपयोग करके इन गेट पासों को इनवर्ड भी कर दिया। कुल 27 आढ़तियों की 224 जे-फॉर्म के तहत 30,746 बोरी यानी 11,529.75 क्विंटल धान का फर्जी गेट पास बनाया गया।

अब इस मामले में खाद्य एवं आपूर्ति पीआर इंचार्ज इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह की शिकायत पर साइबर क्राइम यानी IT एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। हालांकि मामले में इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह को 12 मार्च को सस्पेंड किया गया था, लेकिन इंस्पेक्टर ने दावा कि 6 अक्टूबर को गेट पास कटने के आधे घंटे के भीतर ही विभाग को शिकायत भेजी थी।

6 अक्टूबर को काटे गए 21 पास
कुलदीप सिंह के मुताबिक, 6 अक्टूबर को सुबह 8:59 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक उनकी आईडी से 21 गेट पास जनरेट किए गए। इसी दौरान 9:02 से 12:36 बजे तक चार राइस मिलों की आईडी पर ये गेट पास इनवर्ड भी कर दिए गए। इनमें मैसर्स शिव शक्ति राइस ट्रेडिंग कंपनी पिपली की आईडी से 7 गेट पास (गाड़ी HR55V 9883) 10,586 बोरी के गेट पास इनवर्ड हुए।

3 और मिल की आईडी से हुए इनवर्ड

इसके अलावा मैसर्स श्रीगणेश राइस मिल यूनिट-1 दूधला की आईडी से 6 गेट पास (गाड़ी HR55K 1006) 8,398 बोरी, यूनिट दो की आईडी से 1 गेट पास (गाड़ी HR45B 7175) 1,239 बोरी और मैसर्स महादेव सॉल्वेंट प्राइवेट लिमिटेड पिपली की आईडी से 7 गेट पास (गाड़ी HR45B 7149) के तहत 10,523 बोरी गेट पास इनवर्ड हुए।

मिल संचालक ने दी सूचना

कुलदीप सिंह ने बताया कि उसी दिन दोपहर करीब 11:51 बजे मैसर्स शिव शक्ति राइस मिल के मालिक पवन कुमार ने फोन पर उनको मिल की आईडी से 7 गेट पास इनवर्ड करने की सूचना दी। तब उन्होंने तुरंत ई-खरीद पोर्टल चेक किया तो पता चला कि 21 गेट पास अन्य मिलों में भी इनवर्ड हुए हैं।

DFSC को लिखित में भेजा पत्र

इस घटना के बाद उसी दिन दोपहर करीब 1:20 बजे उन्होंने तत्कालीन DFSC राजेश आर्य को मौखिक और लिखित सूचना दी। साथ ही 21 गेट पास डिलीट करने और पेमेंट रोकने की मांग की। अगले दिन 7 अक्टूबर को फिर पत्र लिखकर कमेटी गठन कर आईपी एड्रेस पता करने की बात कही।

गाड़ी आई ना धान

मामले की जांच नायब तहसीलदार पिहोवा को सौंपी गई। इस जांच में साफ हो गया कि इन 21 गेट पासों के खिलाफ न तो कोई गाड़ी मंडी में आई, ना ही गई। साथ में कोई भी धान का उठान नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

मेरी कोई गलती नहीं- कुलदीप सिंह

बातचीत में कुलदीप सिंह ने बताया कि उसी दिन गलत गेट पास कटने पर आढ़ती और अधिकारियों को बताया था। साथ ही उसने खुद लेटर लिखकर इन गेट पास को रुकवाया था। जिला स्तर पर गठित कमेटी की जांच में इसका कारण तकनीकी खराबी पाया गया। इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।

तत्कालीन DFSC की भूमिका- भाकियू

उधर, भाकियू पिहोवा प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने बताया कि आईडी-पासवर्ड का कंट्रोल DFSC के पास होता है। आरोप लगाया कि इसमें तत्कालीन DFSC की भूमिका है। उनके इशारे पर गेट पास काटे गए, क्योंकि इंस्पेक्टर की माने तो उन्होंने गेट पास कटने के बाद विभाग को शिकायत दी थी। इस मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए।