April 1, 2026
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  • CREST ने तैयार किया प्रस्ताव, निगम के फैसले का इंतजार, 36 पहले से कर रहे काम

हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : चंडीगढ़ को ‘ई-सिटी’ बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने 15 नए हाई-ट्रैफिक पॉइंट्स की पहचान की है, जहां जल्द ही नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी क्रेस्ट (CREST) द्वारा तैयार इस प्रस्ताव पर अब नगर निगम (MC) अंतिम मुहर लगाने की तैयारी में है।

अगर इन 15 साइट्स को मंजूरी मिलती है, तो शहर में चार्जिंग स्टेशंस का नेटवर्क 36 से बढ़कर 51 हो जाएगा। यानी शहर के लगभग हर प्रमुख कॉमर्शियल सेक्टर में अब चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। हालांकि ज्यादातर चुनी गई जगहें पेड पार्किंग एरिया में हैं। ऐसे में पार्किंग स्पेस कम होने और रेवेन्यू शेयरिंग के एंगल से बारीकी से जांच की जा रही है।

ग्राउंड सर्वे के बाद चुनी गई जगह

क्रेस्ट ने शहर में सर्वे करने के बाद उन कमर्शियल जोन और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सिफारिश की है, जहां ईवी चार्जिंग की डिमांड सबसे ज्यादा है। हालांकि, नगर निगम अभी इन साइट्स की व्यवहारिता (Feasibility) की जांच कर रहा है।

तीन पॉइंट में समझें पूरा मॉडल…

नगर निगम का रोल: निगम सिर्फ खाली जमीन उपलब्ध कराएगा।
प्राइवेट कंपनी का काम: चार्जिंग मशीन लगाना और 24 घंटे मेंटेनेंस का जिम्मा कंपनी का होगा।
कमाई: कंपनी निगम को तय किराया (फिक्स रेंट) देगी, जबकि सर्विस फीस से होने वाली बाकी कमाई कंपनी की होगी।
ई-कारों की बिक्री दोपहिया वाहनों से ज्यादा

चंडीगढ़ में ईवी को लेकर लोगों का नजरिया तेजी से बदल रहा है। पिछले तीन सालों से शहर में हर साल औसतन 3,000 से ज्यादा नए इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर हो रहे हैं। 2025 में पहली बार ऐसा हुआ जब इलेक्ट्रिक कारों (LMV) के रजिस्ट्रेशन दोपहिया वाहनों से ज्यादा हो गया। कारों की संख्या बढ़ने से अब कॉमर्शियल इलाकों में फास्ट चार्जिंग की मांग बढ़ गई है।

बिना खर्च निगम को मिले 26 लाख

ईवी चार्जिंग स्टेशन न केवल पर्यावरण के लिए अच्छे हैं, बल्कि निगम के लिए कमाई का जरिया भी बन गए हैं। पिछले एक साल में मौजूदा 36 स्टेशनों से कुल रेवेन्यू लगभग ₹1 करोड़ मिला था। जिसमें से निगम का हिस्सा 26 लाख रुपए था। बाकी ₹74 लाख प्राइवेट कंपनियों के पास गए, जिससे उन्होंने बिना टैक्सपेयर्स के पैसे के इंफ्रास्ट्रक्चर को मेंटेन रखा।