- अब नहीं मिलेगी परीक्षा में ड्यूटी; 138 के खिलाफ कार्रवाई, 50 को काम से हटाया
हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा बोर्ड एग्जाम में नकल कराने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की और से 10वीं और 12वीं क्लास की वार्षिक परीक्षाओं के दौरान पिछले साल ड्यूटी में कोताही बरतने वाले प्रदेश के 138 शिक्षकों को चार्जशीट कर दिया गया है। बोर्ड ने इन सभी शिक्षकों को भविष्य में किसी भी परीक्षा में ड्यूटी न देने का निर्णय लिया और उन्हें ब्लैक लिस्ट में शामिल कर दिया है।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि बोर्ड ने इनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी। इन पर कार्रवाई की गाज गिरनी तय है। बताया कि ड्यूटी में कोताही या नकल में संलिप्त शिक्षक को भविष्य में किसी भी परीक्षा में जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
50 शिक्षकों से कार्यभार वापस लिया
चरखी दादरी जिले के रानीला में स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र में अनियमितताओं में संलिप्त 2 शिक्षकों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। वहीं, बोर्ड के उड़नदस्तों ने वर्तमान में चल रही परीक्षाओं में करीब 50 शिक्षकों को कार्यभार मुक्त किया है। बोर्ड ने इनके खिलाफ विभागीय व अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग से अनुशंसा की है।
एचटेट की तैयारियों में जुटेंगे अधिकारी
10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम के बाद अप्रैल और मई में अधिकारी हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) की तैयारियों में जुट जाएंगे। अप्रैल और मई में बोर्ड एचटेट कराएगा, जबकि नवंबर में फिर से एचटेट की संभावना रहेगी। क्योंकि बोर्ड साल में 2 बार हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा का शेककूल निर्धारित कर चुका है।
आरोपी से पुलिस पूछताछ में पता चला कि यहां पर फर्जी तरीके से दस्तावेज बनाकर रह रहा था। शुरुआत में यह मारुति कंपनी में मजदूरी करता था। आरोपी को डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक्स इत्यादि की जानकारी है। यह पिछले 5 वर्ष से डिजिटल मार्केटिंग में फ्रीलांसिंग का काम करता है।
लगभग 300 जीमेल आईडी भेजी
यह एक फेसबुक ग्रुप में जुड़ा हुआ था जहां पर इसका संपर्क मामुनूर राशिद नामक एक बांग्लादेशी व्यक्ति से हुआ। जिसने इससे जीमेल आईडी मांगी। इसके बदले में इसको USDT देने की बात कही। इसके बाद इसने लगभग 300 जीमेल आईडी मामुनूर राशिद को उपलब्ध करवाई। जिसके बदले इसको करीब 250 USDT क्रिप्टो करेंसी के रूप में मिले थे। इन्होंने एक मेल आईडी का प्रयोग इस घटना में स्कूलों में बम होने की झूठी ईमेल भेजने में किया गया।