- कांग्रेस पार्टी ने रतिया विधायक को भेजा नोटिस
- 4 MLA से पहले ही मांगा जा चुका जवाब
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने के मामले में कांग्रेस के 5वें विधायक का नाम सामने आ गया है। ये फतेहाबाद की रतिया सीट से विधायक जरनैल सिंह हैं। कांग्रेस अनुशासन समिति ने शुक्रवार को उन्हें नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है। बातचीत में अनुशासन समिति के सदस्य सचिव एडवोकेट रोहित जैन ने इसकी पुष्टि की। समिति के चेयरमैन धर्मपाल मलिक की ओर से इससे पहले नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी, साढौरा विधायक रेनू बाला, पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास और हथीन विधायक मोहम्मद इजराइल को नोटिस जारी किया जा चुका है। पांचवें नाम पर सस्पेंस बना हुआ था।
बता दें कि जरनैल सिंह वह विधायक हैं, जिन्होंने रतिया में 30 साल बाद कांग्रेस की वापसी करवाई थी। हालांकि, वे कई मौकों पर भाजपा सरकार के कामकाज की तारिफ कर चुके है। सार्वजनिक मंच से लेकर हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा सत्र में भी सीएम नायब सैनी की उन्होंने तारीफ की थी।
उधर, नोटिस के सामने आते ही विधायक जरनैल सिंह का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कि मैं पार्टी का सच्चा सिपाही। मैंने तो हुड्डा साहब को दिखाकर वोट डाला था।
पहले जानिए कांग्रेस की ओर से भेजे गए नोटिस में क्या
चुनाव में पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं का आरोप : पार्टी के संज्ञान में आया है कि राज्यसभा चुनाव में आपने पार्टी की ओर से जारी निर्देशों का पालन नहीं किया। जिसका नतीजा यह निकला कि आपकी वोट पार्टी हित में नहीं गई। इससे ऐसा लगता है कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को हराने के लिए जानबूझकर ऐसा किया गया। ये पार्टी के संविधान, रूल और नॉर्म्स का उल्लंघन है।
सात दिन के भीतर मांगा गया जवाब : इसलिए आप 7 दिन के भीतर स्पष्ट करें कि क्यों ना आपके खिलाफ अनुशासनात्क कार्रवाई की जाए। यदि आपकी तरफ से दिए गए समय में कोई जवाब नहीं आता है तो आपको एक्स पार्टी मानते हुए पार्टी नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगी।
क्यों जरनैल सिंह पर बढ़ा सस्पेंस, पढ़े मुख्य बातें…
हुड्डा गुट से हैं, इसलिए नाम पर इतना सस्पेंस रहा : इससे पहले कांग्रेस ने बाकी चार नामों का खुलासा करने में तेजी दिखाई थी। 5वें नाम पर इतना सस्पेंस क्यों रहा? पार्टी सूत्रों के मुताबिक जरनैल सिंह की गिनती पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट में होती है। इसलिए उनके प्रति नरमी दिखाई जा रही है। लेकिन पांचवें नाम पर सस्पेंस रखने से पार्टी में बागी सुर बुलंद होने लगे थे।
भीतरी आक्रोश को देखते हुए आधी रात को हुआ फैसला: सूत्रों के मुताबिक पार्टी में बढ़ता भीतरी आक्रोश देखते हुए वीरवार आधी रात को तय हुआ कि जरनैल सिंह को भी नोटिस दिया जाए। इसके बाद अनुशासन समिति के चेयरमैन धर्मपाल मलिक की ओर से शुक्रवार सुबह नोटिस जारी किया गया।
बाड़ाबंदी में रहे, फिर भी बाहरी संपर्क में आए : जरनैल सिंह उन 31 विधायकों में शामिल है, जिन्हें कांग्रेस ने 3 दिन तक हिमाचल में बाड़ाबंदी में रखा। इस दौरान लग्जरी बस में विंडो सीट पर बैठे नजर आए थे। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अपने विधायकों का बाड़ाबंदी में रखकर सुरक्षित मान रही थी, जबकि भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल ने कई विधायकों से संपर्क बना लिया।
शोकॉज नोटिस पाने वाले चार विधायकों के बारे में भी जानिए…
नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी, यमुनानगर के साढौरा से विधायक रेनू बाला, हथीन विधायक मोहम्मद इजराइल और पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास को नोटिस जारी किया गया है।
इनमें से रेनू बाला व शैली चौधरी सांसद कुमारी सैलजा की करीबी हैं। इन दोनों को टिकट दिलाने में सैलजा की ही भूमिका रही थी। 16 मार्च को वोटिंग के दिन शैली चौधरी विधानसभा के गेट पर सीएम नायब सैनी की टीम से जुड़े तरूण भंडारी के साथ दिखी थीं।
वोटिंग के बाद मोहम्मद इलियास सीएम नायब सैनी से मिलने गए थे। इलियास लंबे समय से डायलिसिस पर हैं। वोटिंग के लिए भी दो लोगों का सहारा लेकर पहुंचे थे। दिलचस्प है कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा खुद उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर विधानसभा तक पहुंचे थे। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हुड्डा को पहले से ही उन पर संदेह था।
रेनू बाला व शैली चौधरी दूसरी बार विधायक बनी हैं। इलियास पांचवीं बार के विधायक हैं। वह 1991, 2000, 2009, 2019 और 2024 में विधायक बने। वह पहले इनेलो में भी रहे हैं।मोहम्मद इजराइल भी दूसरी बार विधायक बने हैं। उनके पिता जलेब खान भी विधायक रहे और हुड्डा सरकार में मुख्य संसदीय सचिव भी रहे।
जरनैल सिंह, तीसरी बार के विधायक, पहली बार इनेलो से जीते
जरनैल सिंह रतिया विधानसभा क्षेत्र से 6 बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इनमें से 3 बार उन्हें जीत मिली है। जबकि 3 बार हार का सामना करना पड़ा। फतेहाबाद जिले में रतिया एससी के लिए रिजर्व सीट है। जरनैल सिंह दूसरी बार विधायक बने हैं।
सबसे पहले वे साल 2000 में इनेलो की टिकट पर रतिया से विधायक बने थे। इसके बाद 2009 में कांग्रेस ने उन्हें टिकट देकर मैदान में उतारा। मगर वह दूसरे नंबर पर रहे। तीसरी बार 2011 में हुए उपचुनाव में भी कांग्रेस ने उन्हें ही उम्मीदवार बनाया और वह जीतकर विधायक बने।
साल 2014 में चौथा चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर जरनैल सिंह तीसरे स्थान पर रहे। साल 2019 में पांचवें चुनाव में वह भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मण नापा से कांटे के मुकाबले में मात्र 1216 वोटों से हार गए थे।
छठी बार जरनैल सिंह ने अक्टूबर 2024 में कांग्रेस से चुनाव लड़ा। इसमें उन्होंने तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुग्गल को 21 हजार 442 वोटों से हराया था।