February 23, 2026
23 FEB 7
  • 3 लोग झुलसे, 40 मीटर ऊंची लपटें उठीं
  • छात्राओं ने मोबाइल में कैद की पूरी घटना

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के पानीपत की गीता यूनिवर्सिटी परिसर में बने कैफे में भीषण आग लग गई। इससे अफरातफरी मच गई। शुरुआत में आग कम होने के चलते वहां मौजूद लोग फायर एक्सटिंग्विशर से उस पर काबू पाने की कोशिश करते हैं, लेकिन तभी सिलेंडर में ब्लास्ट हो जाता है।

इसकी चपेट में आकर 3 लोग गंभीर रूप से झुलस जाते हैं। धमाका इतना तेज था कि कैफे की छत और भारी साजो-सामान के टुकड़े हवा में सैकड़ों फीट ऊपर तक उछल गए। ब्लास्ट होते ही वहां खाना खाने आए दर्जनों छात्र-छात्राओं ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई।

यह पूरी घटना कैफे के पास गर्ल्स होटल में मौजूद छात्राओं ने अपने मोबाइल में कैद कर ली। इसी से कैफे में आग और ब्लास्ट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पहले तो आग और धुंआ उठ रहा है। फिर अचानक ब्लास्ट होता है, जिससे आग की लपटें 40 मीटर ऊंचाई तक उठती दिखाई दे रही है

इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। इसराना थाना प्रभारी महिपाल ने ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से प्रारंभिक तौर पर आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है।

यूनिवर्सिटी में मची चीख-पुकारः घटना रविवार रात करीब 9:30 बजे की है, जब यूनिवर्सिटी कैंपस में सामान्य हलचल थी। कैफे नंबर 14 में कर्मचारी रात का खाना तैयार कर रहे थे और हॉस्टल के कई छात्र वहां डिनर कर रहे थे।
गैस रिसाव से हादसाः जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों की एक छोटी सी लापरवाही इस बड़े हादसे का कारण बनी। बताया जा रहा है कि रसोई में काम के दौरान गैस का एक बर्नर या पाइप खुला रह गया था, जिससे गैस का रिसाव होने लगा।

कैफे में जोरदार धमाकाः  देखते ही देखते कैफे के भीतर आग की लपटें उठने लगी। शुरुआत में कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। अभी अफरा-तफरी मची ही थी कि अचानक एक गैस सिलेंडर भीषण धमाके के साथ फट गया। धमाके की गूंज पूरे 35 एकड़ के कैंपस में सुनाई दी, जिससे लाइब्रेरी और हॉस्टल में पढ़ रहे छात्र सहम गए।

3 कर्मचारी बुरी तरह झुलसेः हादसे के समय रसोई में काम कर रहे तीन कर्मचारी आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए। उन्हें तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उनकी पहचान और स्वास्थ्य की स्थिति पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बुलेटिन जारी नहीं किया है, जिससे छात्रों और उनके परिजनों में चिंता बनी हुई है।

स्टूडेंट ने भागकर बचाई अपनी जान: धमाके की आवाज सुनते ही कैफे के भीतर मौजूद छात्र जान बचाकर बाहर की तरफ भागे। छात्रों ने बताया कि यदि वे कुछ सेकंड और अंदर रुकते तो बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था। धमाके के बाद कैंपस के अन्य कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने यूनिवर्सिटी में लगे फायर सेफ्टी इक्विपमेंट का उपयोग कर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन ब्लास्ट के कारण आग बेकाबू हो चुकी थी।

पुलिस ने मौके पर पहुंच राहत बचाव कार्य शुरू किया: इसके बाद तुरंत पुलिस सहायता (डायल 112) और दमकल विभाग को सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और करीब 45 मिनट की भारी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया। तब तक कैफे का सारा कीमती सामान, फर्नीचर और ढांचा जलकर राख हो चुका था।

थाना प्रभारी बोले- प्रबंधन से पूछताछ करेगी पुलिस

इसराना थाना प्रभारी महिपाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से प्रारंभिक तौर पर आग का कारण ‘शॉर्ट सर्किट’ बताया गया था। हालांकि, थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि घटनास्थल से जो वीडियो और साक्ष्य सामने आए हैं, वे प्रबंधन के दावों को संदिग्ध बनाते हैं।

महिपाल ने कहा वीडियो देखने के बाद यह स्पष्ट रूप से सिलेंडर ब्लास्ट का मामला प्रतीत हो रहा है। इतना भीषण धमाका और छत का उड़ना शॉर्ट सर्किट से संभव नहीं लगता।” पुलिस अब दोबारा यूनिवर्सिटी प्रबंधन से पूछताछ करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि क्या वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।