- परिवार की वर्थ वैल्यू पता चलेगी, योजनाओं का लाभ लेने वाले 56 लाख लोगों पर असर
हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा सरकार अब परिवार पहचान पत्र (PPP) में बड़े बदलाव की तैयारी में हैं। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया जाएगा। इस एक डॉक्यूमेंट से पूरे परिवार की वर्थ वैल्यू यानी पूरी कमाई का पता चलेगा।
इससे सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को है, जो अभी जानकारियां छिपाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इन बदलावों के लिए हरियाणा PPP अथॉरिटी की टीम ने दिल्ली में चल रहे इंटरनेशनल AI मेले में एक्सपर्ट की राय ली।
अथॉरिटी कॉडिनेटर सतीश खोला ने बातचीत में बताया कि सरकार इस साल के अंत तक नए बदलाव अपना सकती है।
खोला बोले- AI एक्सपर्ट्स से हुई गहन चर्चा
हरियाणा परिवार प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला ने बताया कि पीपीपी में AI की उपयोगिता बढ़ाने के लिए भारत मंडपम में आयोजित AI मेले में 10 से 12 विशेषज्ञों से चर्चा की गई। इसका उद्देश्य PPP सिस्टम को और अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है।
पूरी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। आगे की कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार होगी, जिसमें एक्सपर्ट्स का प्रेजेंटेशन और प्रोजेक्ट को लागू करने की प्रक्रिया शामिल होगी।
56 लाख लोग सामाजिक योजनाओं का लाभ ले रहे
सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा में लगभग 56.34 लाख लोग राज्य की 18 प्रमुख सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। 9.22 लाख महिलाओं को लाडो-लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपए मासिक मिल रहे हैं। 34 लाख से अधिक बुजुर्गों-विधवा-विकलांगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही है।
जानिए क्या बदलाव संभावित… इससे क्या असर पड़ेगा
परिवार का पूरी कमाई-खर्च हिसाब जुड़ेगा: सरकार की योजना है कि AI की मदद से परिवार के सभी सदस्यों के पैन कार्ड, आधार कार्ड, प्रॉपर्टी आईडी, किसान आईडी, आभा आईडी, बच्चों की स्कूल फीस, बैंक लोन और वित्तीय जानकारियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाए। इन सभी डाटा को PPP से लिंक किया जाएगा।
इससे सरकार को फायदा मिलेगा या आमजन को: इससे सरकार को ज्यादा फायदा है। असल में सरकार ऐसे अपात्रों का पता लगाना चाह रही है, जो फैमिली आईडी में कम आय दिखा सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे हैं, जबकि उनकी आय अधिक है। परिवार के सभी सदस्यों के दस्तावेज जुड़ने से परिवार की वास्तविक वर्थ वैल्यू का निर्धारण किया जाएगा।
सरकारी योजनाओं के लाभ लेने वाले घटेंगे: इसकी काफी संभावना है। सरकार भी मान रही है कि इससे प्रॉपर्टी और आय से जुड़ी त्रुटियों को सुधारा जा सकेगा, जिससे पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल सकेगा। साथ ही अपात्र परिवारों को बाहर किया जा सकेगा।
जानिए कैसे पकड़ में आएंगे अपात्र: मान लीजिए, किसी ने फैमिली आईडी में कम आय दिखाई है, जबकि उनके बच्चे महंगे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। परिवार के सदस्यों के बैंक में भी ठीक कमाई दिख रही है। तो ऐसे में पूरे की वर्थ वैल्यू सरकार के सामने आ जाएगी।
यानी बच्चों की फीस का भी होगा आंकलन: जिन परिवारों के बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ते हैं। बच्चों की स्कूल फीस को भी वर्थ वैल्यू माना जाएगा। 10 हजार रुपये मासिक फीस देने वाले परिवार की वर्थ वैल्यू में 1.20 रुपए जुड़ जाएंगे। लग्जरी लाइफ के लिए होने वाले खर्च का भी AI आंकलन करेगा।
बैंक लोन लिया हो तो मिलेगा फायदा: जिन परिवारों ने अपनी जीविका चलाने या घर बनाने जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए बैंक लोन लिया है, उसका जिक्र भी रहेगा। परिवार के किसी भी सदस्य के खाते से कटने वाली लोन की किश्त की राशि परिवार की वर्थ वैल्यू से कम हो जाएगी।डा. सतीश खोला ने बताया कि एआई उपयोगिता बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों से चर्चा की गई है।