कहती थीं- आप बुजुर्ग हो, कोई शक नहीं करेगा
हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के सोनीपत जिले में रिश्वत लेते पकड़ी गई महिला पटवारी सुदेश और कैंटीन संचालक कृष्ण चंद के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रोहतक एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी फाइल पास कराने के बदले मांगी गई रिश्वत को लेने के लिए पटवारी सुदेश ने सीधे पैसे न लेकर कैंटीन संचालक को माध्यम बनाया हुआ था।
दोनों में तय हुआ था कि आने वाली हर रिश्वत में से 10 प्रतिशत कमीशन कैंटीन संचालक को मिलेगा। 10 प्रतिशत के लालच में कृष्ण चंद तैयार हो गया। कृष्ण चंद से पटवारी की यह डील इसलिए भी हुई थी, क्योंकि बुजुर्ग होने के नाते कैंटीन संचालक पर कोई शक नहीं करेगा। मगर, सिसाना गांव के अनिल की शिकायत पर जब एसीबी ने जाल बिछाया तो उसे ही महिला पटवारी तक पहुंचने के लिए मोहरा बनाया गया।
एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, हाथ में 20 हजार देख कृष्ण चंद खुश हो गया था कि उसके बिना किसी नफा नुकसान के 2000 रुपए सीधे हो जाएंगे। इसीलिए वह जल्दी से अनिल को लेकर पटवारी तक पहुंच गया। यहां जैसे ही पटवारी ने रुपए पकड़े, टीम ने दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया।
पहले क्या हुई थी एसीबी से शिकायत
450 गज के प्लॉट की रजिस्ट्री करानी थी : सोनीपत ACB इंस्पेक्टर जगजीत सिंह के मुताबिक, सिसाना गांव निवासी अनिल ने बताया कि उनका 450 वर्गगज का एक पंचायती प्लॉट है। प्लॉट पर परिवार का पिछले करीब 25 वर्षों से कब्जा चला आ रहा है। हरियाणा सरकार की मालिकाना हक योजना के नियमों के अनुसार, जिस जमीन पर कोई व्यक्ति 20 वर्ष या उससे अधिक समय से काबिज है, सरकार द्वारा निर्धारित राशि जमा कराकर उसकी रजिस्ट्री कराई जा सकती है। इसी योजना के तहत फाइल तैयार करवाई गई थी।
फाइल पास करने के मांगे 25 हजार: अनिल ने आरोप लगाया कि पटवारी सुदेश ने फाइल पास करने के बदले ₹25 हजार की रिश्वत की मांग की। बाद में सौदा ₹20 हजार में तय हुआ। रिश्वत न मिलने के कारण पटवारी ने पिछले कई महीनों से फाइल को जानबूझकर रोक रखा था। पटवारी ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि जैसे ही रिश्वत की रकम मिलेगी, फाइल तुरंत निकाल दी जाएगी और आगे की कार्रवाई पूरी कर दी जाएगी।
रिश्वत लेते दोनों को रंगे हाथों पर पकड़ा : सोनीपत ACB इंस्पेक्टर जगजीत सिंह के मुताबिक, इस मामले में गांव सिसाना निवासी कैंटीन संचालक कृष्ण चंद को भी शामिल किया था। शिकायतकर्ता अनिल ने 20 हजार की रिश्वत कृष्ण चंद को दी, जो यह राशि पटवारी तक पहुंचाने वाला था। जैसे ही कृष्ण चंद रिश्वत की रकम लेकर पटवारी सुदेश के पास पहुंचा, ACB की टीम ने मौके पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।