February 9, 2026
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  • 6 हजार लोगों का खाना, पूरे गांव में जश्न, U-19 वर्ल्डकप में दिलाई जीत

हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज  : जिम्बाब्वे में आयोजित क्रिकेट U-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड को धूल चटाकर विश्व विजेता बनी भारतीय टीम के चमकते सितारे कनिष्क चौहान आज झज्जर जिले में अपने गांव कुलाना पहुंच रहे हैं। अपनी जादुई गेंदबाजी और तूफानी बल्लेबाजी से फाइनल के आखिरी ओवरों में मैच का पासा पलटने वाले इस लाडले के स्वागत के लिए गांव में दिवाली जैसा माहौल है।

कुलाना गांव में 5 से 6 हजार लोगों के लिए खाना तैयार किया गया है। स्वागत समारोह में राजनीतिक लोगों को भी निमंत्रण भेजा गया है। कनिष्क की मां सरिता चौहान अपने लाडले की राह देख रही हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘सिर्फ मुझे ही नहीं, पूरे देश को अपने बेटे पर नाज है।’

बता दें कि U-19 वर्ल्डकप के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष महात्र की तूफानी पारी के बाद कनिष्क ने भी अपनी ऑलराउंडर प्रतिभा का परिचय देते हुए 20 गेंदों पर 3 चौके और 1 छक्के की मदद से 37 रन बनाए और इंग्लैड टीम के कप्तान थॉमस सहित दो विकेट भी लिए।

4 साल की उम्र में खेलना शुरू किया: परिवार मूलरूप से झज्जर के कुलाना गांव का कनिष्क के पिता प्रदीप कुमार खेतीबाड़ी करते हैं और माता सरिता गृहिणी हैं। कनिष्क का जन्म 26 सितंबर 2006 को हुआ। वह परिवार के इकलौते बेटे हैं। कनिष्क ने बचपन से ही क्रिकेट में दिलचस्पी दिखाई। 4 साल की उम्र में ही गाजियाबाद में एकेडमी जॉइन की।

8 साल की उम्र में डेरा की एकेडमी में चयन: 8 साल की उम्र में कनिष्क ने सिरसा में ट्रायल दिया। डेरा सच्चा सौदा में फैसिलिटी अच्छी थी, तो वहीं पर कोचिंग रेगुलर कर दी। बेटे की तैयारी के लिए साल 2014 में परिवार ने झज्जर से सिरसा शिफ्ट कर लिया। कनिष्क ने डेरा सच्चा सौदा के शाह जी सतनाम स्टेडियम में क्रिकेट खेलना शुरू किया।

साल 2024 में पहली बार इंटरनेशनल स्तर पर मौका: करीब 14-15 साल की ट्रेनिंग के बाद कनिष्क को पहली बार इंटरनेशनल खेलने का मौका साल 2024 में मिला। जब अंडर-19 टीम में उनका चयन हुआ। इंग्लैंड की टीम के साथ डेब्यू मैच खेला। कनिष्क ने इंग्लैंड में 5 वनडे मैच खेले, जिनमें 8 विकेट चटकाए। साथ ही 114 रन बनाए थे। इस प्रदर्शन के लिए कनिष्क को बेस्ट ऑल राउंडर ऑफ द सीरीज मिला।

ऑस्ट्रेलिया में मौका मिला: इंग्लैंड के अपने पहले दौरे पर किए प्रदर्शन के आधार पर कनिष्क का चयन ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए हुआ। फिर चैलेंजर ट्रॉफी और अफगानिस्तान के साथ खेले। उनमें परफॉर्मेंस के आधार पर ही अंडर-19 एशिया कप के लिए टीम में नाम आया।

एशिया कप में भी अच्छा प्रर्दशन : कनिष्क ने अंडर-19 एशिया कप के लीग मुकाबलों में पाकिस्तान के खिलाफ बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन किया। 14 दिसंबर को हुए मैच में उनके बल्ले से 46 रन निकले और 3 विकेट भी लिए। हरफनमौला प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार मिला। अब वर्ल्ड कप टीम में चयन के पीछे यह प्रदर्शन आधार बना। मां को क्रिकेट का शौक, खुद खिलाड़ी बनना चाहती थीं।

मां सरिता चौहान को क्रिकेट का शौक कनिष्क की मां सरिता चौहान बताती हैं मुझे खुद क्रिकेट का बहुत शौक था। कभी खुद के मन में भी इच्छा थी कि क्रिकेटर बनूं। मायका गाजियाबाद में है। इसलिए, कनिष्क जब 4 साल का था, तभी उसे गाजियाबाद में एकेडमी जॉइन कराई। अब तो पूरा परिवार क्रिकेट देखता है। कनिष्क को क्रिकेटर बनाना मेरी इच्छा रही है।

मां हुईं भावुक, बोली- बेटे पर नाज कनिष्क की मां सरिता चौहान ने कहा कि पूरा परिवार कनिष्क के वर्ल्ड कप में के फाइनल में पहुंचने पर बहुत खुश है। कनिष्क ने एशिया कप में अच्छा प्रदर्शन किया और आज वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में शानदार प्रदर्शन किया। यह बात कहते हुए वे भावुक हो गई। कहा कि पूरे परिवार को बेटे पर नाज है।