- सिरसा में बोले- अगले जन्म में सैनिक न बनूं, खेत में जाने के लिए रास्ता नहीं
हरियाणा के सिरसा में रिटायर्ड फौजी ने डीसी को लेटर लिखकर इच्छामृत्यु कार्यक्रम में चीफगेस्ट बुलाया है। इसके लिए राष्ट्रपति के नाम इच्छामृत्यु के लिए लेटर लिख चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगले जन्म में कभी फौजी नहीं बनूंगा। अपने बेटे से विनती करूंगा कि वह अगले जन्म में पुलिस में भर्ती न हो। हमारे बॉडी को अंतिम संस्कार में जलाया न जाए, क्योंकि भ्रष्टाचार की आग में पहले ही जलकर राख हो चुके हैं।
रिटायर्ड सैनिक का आरोप है कि उसकी पारिवारिक जमीन की नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी ने मिलकर गलत तरीके से रजिस्ट्री कर दी। अधिकारियों ने उनके खेत में जाने के लिए रास्ता और पानी के लिए नाली भी नहीं छोड़ी।
कई सालों से चल रहा विवाद
डबवाली के कालुआना गांव निवासी पूर्व सैनिक ओमप्रकाश का पिछले कई सालों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। ओमप्रकाश का कहना है कि वे 5 भाई हैं। उनमें से एक भाई ने अपनी जमीन बेच दी। आरोप है कि जमीन खरीदने वाले व्यक्ति ने गलत तरीके से रजिस्ट्री करवा ली।
जमीन के 3 टुकड़े कर दिए
खरीदार ने मेरे हिस्से की जमीन भी रजिस्ट्री के बाद 3 टुकड़ों में कर दी। इससे मेरे खेत में जाने का कोई रास्ता नहीं बचा। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के लिए वह डबवाली एसपी से भी मिल चुके हैं। केस दर्ज कराने की मांग की थी।
खरीदार ने कई बार धमकी दी
इसके बाद मेरे ऊपर खरीदार की तरफ से दबाव बनाया गया। धमकी भी दी गई। सुनवाई न होने पर पहले राष्ट्रपति के नाम लेटर लिख इच्छामृत्यु की मांग कर चुके हैं। अब सिरसा इच्छामृत्यु समारोह रखा है, जल्द ही इसकी तारीख घोषित की जाएगी।
साल 2021 में पूर्व सीएम खट्टर को दी शिकायत
ओमप्रकाश का कहना है कि 23 फरवरी 2021 को इस मामले में डीसी सिरसा के पास शिकायत की थी और 30 जून 2021 को चंडीगढ में पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी मिले थे। इसके बाद सरकार की ओर से जांच चली।
जिसके बाद आदेश हुआ कि खरीदार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हो। लेकिन, नायब तहसीलदार की संलिप्तता के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। ओमप्रकाश के अनुसार, इसके बाद सरकार ने नायब तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया था और कानूनगो, पटवारी के खिलाफ जांच चली।