- प्रिंसिपल्स विधार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर रखेंगे नजर
हरियाणा के कॉलेजों में बढ़ते मानसिक तनाव और आत्महत्या के मामलों को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा उच्च शिक्षा निदेशालय ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। प्रदेश के सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल्स को अब छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को संभालने और सुसाइड रोकथाम के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
हिपा में शुरू होगा पहला चरण
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, पहले चरण में प्रदेश के चार जिलों— फरीदाबाद, पलवल, झज्जर और गुरुग्राम के 30 प्रिंसिपल्स को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। यह ट्रेनिंग गुरुग्राम स्थित हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (HIPA) में आयोजित की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग, विश्वविद्यालय और हिपा संयुक्त रूप से इस कार्यशाला का आयोजन कर रहे हैं।
मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर चुनौती बन गया है
निदेशालय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर चुनौती बन गया है। मानसिक तनाव के कारण न केवल छात्रों के बीच डिग्री अधूरी छोड़ने (ड्रॉपआउट) की दर बढ़ रही है, बल्कि आत्महत्या के मामलों में भी वृद्धि देखी गई है।
मुख्य उद्देश्य: छात्रों को पेशेवर मदद लेने में आने वाली बाधाओं को दूर करना और परिसरों में एक सुरक्षित वातावरण तैयार करना।
दो दिन, आठ सत्र में इस प्रकार दी जाएगी ट्रेनिंग
गुरुग्राम के हिपा कैंपस में 15 और 16 जनवरी को दो दिवसीय कार्यशाला चलेगी। इस दौरान कुल आठ सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित होगा। तनावग्रस्त छात्रों की शुरुआती पहचान करना। मानसिक समस्याओं के निदान के तरीके। शिक्षकों की भूमिका, जिम्मेदारी और उनकी सीमाएं तय करना। कैंपस में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना।
कॉलेज का हर कर्मचारी छात्र की मनोदशा को समझने में सक्षम हो सके
प्रशिक्षण लेने वाले ये 30 प्रिंसिपल्स मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किए जाएंगे। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद, ये प्रिंसिपल्स अपने-अपने कॉलेजों में वापस जाकर वहां के शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ को प्रशिक्षित करेंगे। इसका लक्ष्य यह है कि कॉलेज का हर कर्मचारी छात्र की मनोदशा को समझने में सक्षम हो सके।