थानेसर से कांग्रेस विधायक व पूर्व मँत्री अशोक अरोड़ा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार नही चाहती कि देश के लोग आत्मनिर्भर बनें, ये तो चाहते हैं कि पांच किलो अनाज लें और इनपर निर्भर रहें। वे कुरुक्षेत्र के गांधी पार्क में मनरेगा को बचाने के लिए उपवास रखने के दौरान बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ शाहाबाद के विधायक रामकरण काला, पिहोवा विधायक मनदीप चट्ठा, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी भी मौजूद थे।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने मजदूरों के लिए 100 दिनों की रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को शुरु किया था, जिसे जनविरोधी भाजपा सरकार ने बंद कर दिया है। इसको लेकर आज पूरे भारत में कांग्रेस द्वारा उपवास रखा जा रहा है। उन्होने कहा कि मनरेगा योजना मजदूरों को रोजगार की गारंटी देती थी। मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार मिलता था। अब सरकार कहती है कि मनरेगा में बदलाव कर वीबी जी राम जी योजना शुरु की है लेकिन इसमें योजना सिर्फ ठेकदारों को लाभ पहुंचाने और लोगों को रोजागार न देने के लिए काम किया है। पहले रोजगार की गारंटी थी अब गारंटी खत्म कर दी गई है। नई योजना के तहत कहा गया है कि बुआई और कटाई के दौरान मजदूरी नहीं दी जाएगी, जोकि सरासर गलत है। भाजपा सरकार मजदूरों को रोजगार नही देना चाहते ये तो रोजगार छिनने वाले लोग हैं।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि मनरेगा साल 2005 में यूपीए सरकार लेकर आई जिसके तहत गांव का कोई भी बेरोजगार काम की मांग कर सकता था। सरकार को 15 दिनों के भीतर काम देना होता था। हर साल कम से कम 100 दिन काम का अधिकार देने का काम किया। जिससे मनरेगा गांव की आजीविका की रीढ़ बनी । हर वर्ष 5 से 6 करोड़ परिवारों को रोजगार मिला। लेकिन भाजपा ने काम के हक को खत्म किया। इस मौके पर सुनीता नेहरा, सुभाष पाली, जिप सदस्य सुरेश वाल्मिकी, सुरेंद्र सैनी, बिमला सरोहा, टेकचंद बारना, नरेश मित्तल, लक्ष्मीकांत शर्मा, सुरेंद्र फौजी, भांवरा, विवेक भारद्वाज सुनीता नेहरा व अन्य नेता मौजूद थे।