January 8, 2026
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  • धारूहेड़ा में सुधरेंगे हालात, गडकरी ने की मीटिंग

हरियाणा और राजस्थान के बीच पिछले कई वर्षों से चले आ रहे ‘गंदे पानी’ के विवाद पर आखिरकार विराम लगने की उम्मीद जगी है। हरियाणा के रेवाड़ी के धारूहेड़ा में राजस्थान के भिवाड़ी से आ रहे जहरीले औद्योगिक कचरे और दूषित पानी की समस्या को लेकर दिल्ली में एक हाई-प्रोफाइल बैठक हुई। इस मीटिंग में इसके लिए 450 करोड़ रुपए की एक योजना को मंजूरी दी गई।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दोनों राज्यों के बीच जल भराव और प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान पर मुहर लग गई है। प्रदूषित जल के मसानी बैराज में छोड़े जाने की समस्या का समाधान किया गया। इस मीटिंग में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और भूपेंद्र यादव भी शामिल हुए।

दिल्ली-जयपुर एनएच के किनारे नाली बनेगी

मीटिंग में यह निर्णय लिया गया कि मानसून के दौरान भिवाड़ी से बारिश का पानी निकालने के लिए दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे 6 किलोमीटर लंबी नाली का निर्माण किया जाएगा। इसकी लागत हरियाणा और राजस्थान बराबर-बराबर वहन करेंगे, जबकि शेष राशि सड़क परिवहन मंत्रालय वहन करेगा।

हरियाणा मसानी बैराज में अपशिष्ट जल के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए एक व्यवस्था भी बनाएगा। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 450 करोड़ रुपए अनुमानित है।