
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला में टांगरी नदी तल को अम्बाला छावनी में छह फुट गहरा करने का काम शुरू कर दिया गया है जिससे आसपास बसी कालोनियों के हजारों निवासियों को फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि अम्बाला छावनी में टांगरी नदी क्षेत्र से निकाली की गई रेत नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधीन चल रहे अम्बाला रिंग रोड प्रोजेक्ट में उपयोग की जाएगी।
श्री विज ने बताया कि नदी तल छह फुट गहरा होने से बरसाती सीजन में पानी ओवरफ्लो नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि टांगरी नदी को गहरा करने के लिए सिंचाई विभाग, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नगर परिषद अम्बाला सदर के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ था जिसके तहत अम्बाला छावनी में टांगरी नदी क्षेत्र से निकाली की गई रेत नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधीन चल रहे अम्बाला रिंग रोड प्रोजेक्ट में उपयोग की जाएगी।
उन्होंने बताया कि नदी तल पहले से भी ज्यादा गहरा होने पर बरसाती दिनों में पानी आसानी से अम्बाला छावनी क्षेत्र से निकलेगा जिससे आसपास बसी दर्जनों कालोनियों के हजारों निवासियों को सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने बताया कि बरसातों से पहले इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
टांगरी नदी जहां तंग वहां और चौड़ी होगी : कैबिनेट मंत्री अनिल विज
ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि अम्बाला छावनी में टांगरी नदी जिन-जिन स्थानों पर तंग है, वहां नदी को पहले से भी ज्यादा चौड़ा किया जाएगा ताकि बरसाती पानी के बहाव में कोई रुकावट न आए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सिंचाई विभागों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं तथा विभाग की ओर से प्रपोज्जल सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है जिस पर जल्द कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है।
रामपुर-सरसेहड़ी की तरफ बांध को पक्का व ऊंचा करने का काम प्रगति पर : मंत्री अनिल विज
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने बताया कि रामपुर-सरसेहड़ी में टांगरी नदी बांध (तटबंध) को ऊंचा व पक्का करने का काम प्रगति पर है। नदी का बांध जगाधरी रोड तक 2.67 करोड़ रुपए की लागत से पक्का व ऊंचा किया जा रहा है। बीते फरवरी माह में कार्य की शुरूआत की गई थी और तेजी से इसे अब पूरा किया जा रहा है ताकि बरसातों से पहले इसे पूरा किया जा सके।
बांध ऊंचा और नदी तल गहरा होने से बहुत फायदा मिलेगा : मंत्री अनिल विज
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने बताया कि टांगरी बांध को रामपुर-सरसेहड़ी की तरफ ऊंचा व पक्का करने का काम पहले से किया जा रहा है, मगर अब नदी का तल छह फुट और गहरा कराने का काम शुरू हो गया है। इससे बरसाती पानी टांगरी बांध (तटबंध) से बाहर नहीं आएगा और लोगों को पानी से सुरक्षा मिलेगी।