April 3, 2025
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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एकमुश्त निपटान स्कीम 2025 से प्रदेश के लाखों छोटे करदाताओं को लाभ मिलेगा। इस योजना को प्रदेश में  अप्रैल माह में लागू कर दिया जाएगा और इस योजना का फायदा उठाने के लिए 180 दिनों के अंदर आवेदन करना होगा। इस योजना की 3 स्लैब बनाई गई है। अहम पहलू यह है कि 1 लाख से लेकर 10 लाख और 10 लाख से लेकर 10 करोड़ तथा 10 करोड़ से ऊपर की स्लैब में व्यापारियों व उद्यमियों को फायदा होगा। इस योजना के लागू होने के बाद व्यापारियों को लिटिकेशन से भी निजात मिलेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को हरियाणा कला परिषद के सभागार में हरियाणा आबकारी एवं काराधान विभाग की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा,विधायक पवन कुमार, प्रधान सचिव दवेन्द्र सिंह कल्याण, आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने दीप शिखा प्रज्ज्वलित करके विधिवत रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया और हरियाणा आबकारी एवं काराधान विभाग की एकमुश्त निपटान योजना 2025 का विधिवत रूप से शुभारंभ किया। इस दौरान हरियाणा स्टेट टैक्स बार एसोसिऐशन, हरियाणा व्यापार मंडल, चार्टड एकाउंटेड फरीदाबाद, रोहतक व गुुरुग्राम, हरियाणा चैम्बर आफ कार्मस एसोसिऐशन, स्टेट टैक्स बार एसोसिऐशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि और सुशासन के लिए एक पारदर्शी और न्यायसंगत कराधान प्रणाली आवश्यक है। अगर कर प्रणाली सरल और प्रभावी होती है, तो व्यापारियों, उद्यमियों और निवेशकों को लाभ होता है और आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मुश्त निपटान स्कीम-2025 स्कीम से हजारों करदाताओं, विषेशकर छोटे दुकानदारों, उद्यमियों व व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह स्कीम करदाताओं को पुराने वित्तीय बोझ से मुक्त कर एक नई शुरुआत करने का अवसर देगी। उन्होंने कहा कि ‘एक मुश्त निपटान स्कीम-2025’ स्कीम हरियाणा के उन करदाताओं के लिए है, जो किन्हीं कारणों से अपने करों की बकाया राशि का भुगतान नहीं कर सके। इस स्कीम के तहत 10 लाख रुपये तक की बकाया राशि वाले करदाताओं को 1 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह योजना अप्रैल माह से शुरू हो जाएगी और 180 दिनों अर्थात 6 महीनों के लिए खुली रहेगी। उनकी करदाताओं से अपील है कि वे अपने बकाया का भुगतान जल्द से जल्द करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी वर्गों के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए विवादों का समाधान कार्यक्रम शुरू किया था, जिसके तहत विभिन्न विभागों ने समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग नाम से स्कीमें शुरू की हैं। एक मुश्त निपटान स्कीम-2025 भी उसी श्रृंखला की कड़ी है।
उन्होंने कहा कि आबकारी एवं कराधान विभाग हरियाणा को विभिन्न कारणों से बकाया करों की वसूली करने में बड़ी कठिनाई महसूस हो रही थी। इसलिए हमने बकाया करों को कम करने, मुकदमेबाजी को कम करने और बकाया राशि की वसूली में तेजी लाने के लिए ‘एक मुश्त निपटान स्कीम’ लागू की है। इस स्कीम को लागू करने से जहां करदाताओं को राहत मिलेगी, वहीं राजस्व वसूली में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी हम वर्ष 2023 में एक मुश्त निपटान स्कीम लाई गई थी, लेकिन उस स्कीम में कुछ अड़चनें आ गई थी। अब नई स्कीम में अड़चनों को दूर कर दिया गया है। ‘एक मुश्त निपटान स्कीम-2025’ में बकाया कर का वर्गीकरण नहीं किया गया है। यह योजना संचयी निर्धारित बकाया राशि पर आधारित होगी। इस योजना के तहत जुर्माना राशि एवं ब्याज राशि से पूरी तरह से छूट दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस स्कीम में सरकार ने करदाताओं की सुविधा के लिए बकाया करों का भुगतान करने हेतु तीन स्लैब बनाई हैं। करदाता को 10 लाख रुपये तक के संचयी निर्धारित बकाया कर के भुगतान के लिए 10 लाख रुपये में से 1 लाख रुपये तक की छूट को कम करने के बाद उसे 40 प्रतिशत भुगतान करना होगा। 10 लाख रुपये से अधिक व 10 करोड़ रुपये तक के संचयी निर्धारित बकाया कर देयताओं के लिए करदाता को 50 प्रतिशत राषि का भुगतान करना होगा। इसी तरह से करदाता को 10 करोड़ रुपये से अधिक के संचयी निर्धारित बकाया कर की देयताओं का 100 प्रतिशत भुगतान करना होगा। यही नहीं, 10 लाख रुपये के बकाया कर से अधिक की निपटान राशि वाले करदाताओं को 2 किस्तों में अदायगी करने का विकल्प दिया गया है।

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