- एसोसिएशन की CM के प्रिंसिपल सेक्रेटरी से मीटिंग
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा के 10,757 गेस्ट टीचर्स की पक्का करने की मांग को एक बार फिर झटका लगा है। सोमवार को गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सीएम नायब सिंह सैनी के प्रिंसिपल चीफ सेक्रेटरी (CPS) आरके खुल्लर के बीच बातचीत बेनतीजा रही।
चंडीगढ़ में खुल्लर के आवास पर करीब 30 मिनट तक मीटिंग चली। गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रवक्ता अजय लोहान ने कहा कि हाईकोर्ट टीचर्स को पक्का करने का फैसला दे चुकी है। जबकि सरकार स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर नियमित करने से इनकार कर रही है। 24 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा विभाग ने ये लेटर जारी किया था।
अजय लोहान के अनुसार, खुल्लर ने उन्हें कहा कि सरकार स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर चुकी है। अब इसे वापस नहीं लिया जा सकता। इसके अलावा जो भी सहयोग होगा, सरकार करेगी।
इससे पहले गेस्ट टीचर्स ने 21 अक्टूबर को सिरसा से न्याय यात्रा की शुरुआत की थी। टीचर्स का चंडीगढ़ जाकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम था। कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने सीएम नायब सैनी से उनकी बात कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद आज खुल्लर से एसोसिएशन की मीटिंग हुई।
टीचर्स बोले- लेक्चरर को पक्का किया, हमें भी करना चाहिए
गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रवक्ता अजय लोहान ने कहा कि 2014 की पॉलिसी के तहत हारट्रोन के माध्यम से नियुक्त 58 कर्मचारियों को पक्का किया जा चुका है। इसके अलावा कॉलेजों में लेक्चरर और स्कूलों में एडवर्टाइजमेंट के जरिए नियुक्त शिक्षकों को भी नियमित किया गया है। लेकिन कई सालों से सेवाएं दे रहे गेस्ट टीचर्स को अब तक पक्का नहीं किया गया है।
‘केस जीतने के बाद भी पक्का नहीं किया’
अजय लोहान ने कहा कि गेस्ट टीचर्स कोर्ट से केस जीत चुके हैं। इसके बावजूद सरकार उन्हें पक्का नहीं कर रही है। सरकार को स्पीकिंग ऑर्डर जारी करने के बजाय कोर्ट के फैसले को लागू करना चाहिए था। उन्होंने मांग की कि सरकार 3 साल की पॉलिसी के तहत गेस्ट टीचर्स को नियमित करे।
स्पीकिंग लेटर में क्या बातें की गईं…
- 24 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ लेटर: हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग ने सुखविंदर सिंह व अन्य गेस्ट टीचर्स की नियमित करने की मांग पर 24 अक्टूबर को स्पीकिंग ऑर्डर जारी किया था। विभाग ने 2014 की पॉलिसी के तहत उन्हें नियमित करने से इनकार कर दिया। ये लेटर सभी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर को भेजा गया।
- नियुक्ति को नियमित भर्ती नहीं माना: विभाग के अनुसार, गेस्ट टीचर्स को 2005 से स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए पीरियड के हिसाब से रखा गया था। यह नियमित नियुक्ति नहीं, बल्कि अस्थायी व्यवस्था थी।
- भर्ती प्रक्रिया के नियम पूरे नहीं हुए: विभाग ने कहा कि नियुक्ति के समय नियमित भर्ती की तरह परीक्षा और मेरिट के आधार पर चयन नहीं हुआ था। आरक्षण के नियमों का भी पालन नहीं किया गया था।
- लंबे समय तक नौकरी करने से हक नहीं: विभाग ने कहा कि करीब 20 साल तक सेवा देने से नियमित होने का अधिकार नहीं मिल जाता। 2014 की पॉलिसी में तय सभी शर्तें पूरी करना जरूरी है।
- हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी मांग खारिज: विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और हरियाणा गेस्ट टीचर्स सर्विस एक्ट-2019 का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून में नौकरी जारी रखने की सुरक्षा है, नियमित करने का प्रावधान नहीं। इन आधारों पर विभाग ने नियमित करने की मांग खारिज कर दी।