- कर्मचारियों ने वर्दी सिलवाने के ऑर्डर दिए, दलालों पर कसेगा शिकंजा
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और कार्यशैली को सुधारने के लिए हिसार जिला प्रशासन ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। हिसार उपायुक्त (DC) कार्यालय में कार्यरत सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए अब ड्यूटी के दौरान निर्धारित यूनिफॉर्म (वर्दी) और नेम प्लेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
यह नया नियम आज से ही लागू कर दिया गया है। मगर आज कई कर्मी बिना वर्दी के आए उनको हिदायत देकर छोड़ दिया गया और कुछ कर्मियों ने वर्दी सिलवाने की बात कही है। उनका कहना है कि आज तक वर्दी सिलवाने की जरूरत नहीं पड़ी।
बता दें उपायुक्त कार्यालय की स्थापना शाखा द्वारा इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि उपायुक्त महोदय द्वारा दिए गए मौखिक निर्देशों का धरातल पर सख्ती से पालन कराया जाए।
बिना वर्दी दिखे तो खैर नहीं
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि 16 सितंबर या उसके बाद कोई भी ग्रुप-डी कर्मचारी बिना वर्दी या बिना नेम प्लेट के कार्यालय में ड्यूटी करता हुआ पाया गया, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक (विभागीय) कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
आखिर क्यों पड़ी इस फैसले की जरूरत?
पहचान का संकट होगा दूर: अक्सर सरकारी दफ्तरों में आने वाली आम जनता को यह समझ नहीं आता कि कौन कर्मचारी है और कौन बाहरी व्यक्ति। नेम प्लेट और वर्दी से कर्मचारियों की पहचान तुरंत हो सकेगी।
दलालों पर लगेगी लगाम: वर्दी अनिवार्य होने से दफ्तरों में अनाधिकृत रूप से घूमने वाले लोगों और बिचौलियों पर लगाम कसी जा सकेगी।
कार्य संस्कृति में सुधार: प्रशासन का मानना है कि ड्रेस कोड लागू होने से कर्मचारियों में अनुशासन की भावना बढ़ेगी और दफ्तरों का माहौल अधिक पेशेवर नजर आएगा।