- कॉरपोरेट वकील रही, 5 बार SSB क्रैक किया
हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज : गुरुग्राम के सेक्टर-31 की रहने वाली अदिति देशवाल ने चेन्नई स्थित प्रतिष्ठित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन प्राप्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिवार की चार पीढ़ियों पुरानी सैन्य विरासत को एक नई ऊंचाई दी है। कॉरपोरेट लॉयर की आरामदेह जिंदगी छोड़कर फौजी वर्दी चुनने की अदिति की यह कहानी संघर्ष, अटूट धैर्य और देशसेवा के जुनून की मिसाल है।
दादा-दादी के संस्कार और मां-बाप का अनुशासन
अदिति का बचपन सैन्य अनुशासन के बीच बीता। उनके पिता कैप्टन वी.पी.एस. यादव ने बताया कि 2001 में NSG में सेवा के दौरान उन्होंने गुरुग्राम में घर बनाया था। माता-पिता दोनों की व्यस्त सरकारी सेवाओं के कारण बच्चों के लालन-पालन और संस्कारों की जिम्मेदारी दादा-दादी ने बखूबी संभाली। अदिति की स्कूली शिक्षा दिल्ली के प्रतिष्ठित सरदार पटेल विद्यालय से हुई, जिसके बाद उन्होंने NLU से B.A., LL.B. (Hons.) की डिग्री हासिल की।
कॉरपोरेट की भारी-भरकम सैलरी को कहा अलविदा
कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद अदिति ने लगभग डेढ़ साल तक एक नामी मल्टीनेशनल कंपनी में कॉरपोरेट लॉयर के रूप में काम किया। शानदार करियर और बेहतरीन सैलरी के बावजूद, उनके भीतर देशसेवा की लौ जलती रही। आखिरकार, उन्होंने अपनी कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर पूरी तरह से सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) की तैयारी में जुटने का कठिन फैसला लिया।
असफलता बनी ढाल: जब 6ठीं रैंक के बावजूद नहीं मिला चयन
अदिति ने एक-दो बार नहीं, बल्कि कुल पांच बार SSB की कठिन परीक्षा पास की। इनमें से दो बार उन्होंने ऑल इंडिया लेवल पर 6ठीं रैंक हासिल की, लेकिन महिलाओं के लिए सीटें बेहद सीमित होने के कारण वे फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह बनाने से चूक गईं। इतनी बार करीब आकर चूकने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दोगुने उत्साह से प्रयास किया। उनकी इस जिद का परिणाम यह रहा कि पिछले साल उन्होंने ऑल इंडिया दूसरी रैंक (AIR-2) हासिल कर OTA चेन्नई में अपनी जगह पक्की की।
41 साल बाद पिता का इतिहास दोहराया
OTA में एक साल का कड़ा और थका देने वाला सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब अदिति के कंधों पर सितारे सजे, तो पूरा परिवार भावुक हो उठा। इत्तेफाक ऐसा कि अदिति के पिता कैप्टन वी.पी.एस. यादव भी करीब 41 साल पहले इसी OTA चेन्नई से सेकंड लेफ्टिनेंट बनकर पास आउट हुए थे। उनके परिवार के कई सदस्य कर्नल और ब्रिगेडियर पदों पर सेना को अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके नाना ऑर्डिनेंस सेवा में थे, परनाना ब्रिटिश इंडियन आर्मी का हिस्सा थे, और मां CRPF की पहली महिला बटालियन में अधिकारी रहने के बाद वर्तमान में लोकसभा सचिवालय में संयुक्त निदेशक हैं।
356 कैडेट्स में चमकीं हरियाणा की लाडली
इस साल OTA चेन्नई से कुल 356 कैडेट्स पास आउट हुए, जिनमें 26 जांबाज़ महिला अधिकारी शामिल थीं। सीमित सीटों के बीच अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने वाली अदिति की यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गुरुग्राम और हरियाणा प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है।