- FIR-जेल भी संभव, नए नियम लागू, ज्यादा गाड़ी वालों पर नजर
चंडीगढ़ में अब अपनी पुरानी कार या बाइक को किसी भी लोकल कबाड़ी के पास कटवाना गैरकानूनी होगा। शहर में प्रदूषण कम करने और पुराने वाहनों के वैज्ञानिक निपटारे के लिए चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (CPCC) ने केंद्र सरकार के ‘पर्यावरण (संरक्षण) (एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स) नियम, 2025’ को सख्ती से लागू कर दिया है।
अब तय समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों को केवल सरकार से मान्यता प्राप्त रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) में ही स्क्रैप कराया जा सकेगा। अपनी मर्जी से किसी कबाड़ी, गैराज या अनधिकृत स्क्रैप कारोबारी के पास वाहन कटवाने पर 5 लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा FIR व जेल भी हो सकती है। CPCC की ओर से यह आदेश सोमवार (12 जुलाई) से लागू हो गए हैं।
नियम से क्या-क्या बदला? 6 पॉइंट में समझिए
1. अब कबाड़ी के पास गाड़ी कटवाना गैरकानूनी
एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल (ELV) को किसी भी स्थानीय कबाड़ी, गैराज या अनधिकृत स्क्रैप कारोबारी के पास काटना प्रतिबंधित रहेगा। वाहन का निपटारा केवल सरकार से अधिकृत RVSF में ही कराया जा सकेगा।
2. कौन-सी गाड़ी इस दायरे में आएगी?
केंद्र सरकार की स्क्रैपेज नीति के मुताबिक निजी वाहन (नॉन ट्रांसपोर्ट) 20 साल पूरे होने पर और कमर्शियल (ट्रांसपोर्ट) वाहन 15 साल पूरे होने पर नियमों के दायरे में आएंगे। ऐसे वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर के जरिए ही वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाएगा। वाहन की उम्र पूरी होने के बाद फिटनेस और परिवहन नियमों के हिसाब से उसके स्क्रैप किए जाने का फैसला होगा। यानी हर तय उम्र के बाद वाहन सीधे स्क्रैप नहीं माना जाएगा।
3. 100 से ज्यादा वाहन रखने वालों पर भी लागू
यह नियम केवल आम लोगों के लिए नहीं है। जिन सरकारी विभागों, कंपनियों या संस्थानों के पास 100 या उससे अधिक वाहन हैं, उन्हें भी अपने पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग केवल अधिकृत RVSF के माध्यम से करानी होगी।
4. स्क्रैपिंग की पूरी प्रक्रिया क्या होगी?
वाहन को अधिकृत RVSF में जमा करना होगा। सेंटर वाहन का सत्यापन और स्क्रैपिंग करेगा। इसके बाद उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट(CoD) और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग जारी किया जाएगा। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वाहन के रजिस्ट्रेशन (RC) को बंद यानी डी-रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया पूरी होगी।चंडीगढ़ में स्क्रैपिंग के लिए एक सेंटर है। टाटा मोटर्स के सहयोग से संचालित ये सिलेक्ट टेक्निकल सर्विसेज सेंटर इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक में स्थित है। इसकी क्षमता हर साल 12 हजार वाहनों को वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैप करने की क्षमता है।
5. नई गाड़ी खरीदने पर क्या फायदा मिलेगा?
स्क्रैपिंग सेंटर से मिलने वाले सर्टिफिकेट के आधार पर उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर में छूट मिलेगी। इसमें निजी वाहन पर अधिकतम 25% तक टैक्स में छूट और कॉमर्शियल वाहन में अधिकतम 15% तक टैक्स में छूट मिल सकती है। इसके अलावा इसके अलावा वाहन निर्माता कंपनियां अपनी नीति के अनुसार अतिरिक्त एक्सचेंज बेनिफिट भी दे सकती हैं।
6. नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई
CPCC के सदस्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्थान के खिलाफ संबंधित पर्यावरण और मोटर वाहन कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अवैध रूप से गाड़ी काटी तो क्या होगी सजा?
बिना लाइसेंस वाहन काटना या स्क्रैप करना गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में 1 लाख से 5 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन या चोरी के वाहनों की स्क्रैपिंग पर आपराधिक मामला दर्ज होने और जेल की सजा का भी प्रावधान है। यदि किसी को आदेश पर कोई आपत्ति है तो वह CPCC कार्यालय में अपना पक्ष रख सकता है।
क्यों जरूरी हुआ यह फैसला?
चंडीगढ़ में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर साल 51 हजार से अधिक नए वाहन रजिस्टर हो रहे हैं। यानी औसतन हर दिन 100 से ज्यादा नए वाहन शहर की सड़कों पर उतर रहे हैं। शहर में पंजीकृत वाहनों की संख्या 14.27 लाख से अधिक हो चुकी है, जो करीब 15 लाख आबादी के बराबर है। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक चंडीगढ़ में हर साल अनुमानित 10 हजार से 15 हजार वाहन ‘एंड-ऑफ-लाइफ’ (ELV) यानी कबाड़ होने की श्रेणी में आ जाते हैं।
स्क्रैपिंग के आंकड़े भी जानिए
केंद्र सरकार की तरफ से लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक मंजूरशुदा RVSF में हर महीने 170 से 220 सरकारी और निजी वाहन स्क्रैपिंग के लिए पहुंच रहे हैं। केंद्र सरकार के मुताबिक पिछले करीब ढाई साल में 8,646 वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं। व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी लागू करने वाले छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ अग्रणी राज्यों/यूटी में शामिल रहा है।