- पेरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग से की शिकायत, शिक्षा विभाग के आदेश का नहीं हुआ पालन
हरियाणा : ब्रेकिंग न्यूज : चंडीगढ़ के कई निजी स्कूलों में तय की गई किताबों को लेकर अभिभावकों की परेशानी बढ़ रही है। पेरेंट्स एसोसिएशन ने इस मामले में चंडीगढ़ प्रशासन के शिक्षा विभाग के डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि कुछ निजी स्कूल अपनी बुक लिस्ट तो वेबसाइट पर डाल रहे हैं, लेकिन ऐसे कम जाने-पहचाने पब्लिशर्स की किताबें निर्धारित कर रहे हैं जो खुले बाजार में उपलब्ध ही नहीं हैं। इससे अभिभावकों को मजबूरन उन्हीं चुनिंदा दुकानों से किताबें खरीदनी पड़ रही हैं जिनसे स्कूलों का टाईअप है।
एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षा विभाग के आदेशों के बावजूद कई स्कूल जानबूझकर ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं जिससे किताबें केवल एक-दो दुकानों पर ही उपलब्ध हों और बाकी बुक सैलर्स को सप्लाई ही नहीं मिलती।
शिक्षा विभाग के आदेश का नहीं हुआ पालन
चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य था कि स्कूल पहले से बुक लिस्ट सार्वजनिक करें, ताकि शहर के अलग-अलग बुक सैलर्स किताबें मंगाकर स्टॉक कर सकें और अभिभावकों को आसानी से उपलब्ध हो सकें। लेकिन कुछ स्कूल ऐसे पब्लिशर्स की किताबें लगाकर इस व्यवस्था को ही बेअसर करने की कोशिश कर रहे हैं
एसोसिएशन के मुताबिक कई स्थानीय बुक सैलर्स ने भी बताया है कि वे स्कूलों को कमीशन देने की बजाय अभिभावकों को डिस्काउंट देने को तैयार हैं, लेकिन कुछ पब्लिशर्स उन्हें किताबों की सप्लाई देने से ही मना कर रहे हैं। इससे फिर वही स्थिति बन जाती है कि किताबें सिर्फ एक तय दुकान पर ही उपलब्ध होती हैं।
चार अलग-अलग बुकशॉप्स के नाम बताने की मांग
चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूलों को कम से कम चार अलग-अलग बुकशॉप्स के नाम बताने के लिए बाध्य किया जाए, जहां निर्धारित किताबें उपलब्ध हों। इसके साथ ही जिन स्कूलों ने कम जाने-पहचाने पब्लिशर्स की किताबें लगाई हैं, उनसे लिखित एफिडेविट लिया जाए कि वे शहर के किसी भी बुकसेलर को किताबों की सप्लाई देंगे।
एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि ऐसे पब्लिशर्स की किताबें निर्धारित करने से बचने के निर्देश दिए जाएं जिनकी सप्लाई केवल एक ही दुकान तक सीमित हो।
स्कूल एजुकेशन डायरेक्टर की 3 बड़ी बातें…
नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर जानकारी देना जरूरी: स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ की डायरेक्टर नितिश सिंघला ने कहा कि सभी प्राइवेट स्कूलों को किताबों और यूनिफॉर्म को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। स्कूलों को यह जानकारी नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर देना अनिवार्य किया गया है।
24 घंटे के भीतर कार्रवाई होगी
उन्होंने कहा कि यदि कोई स्कूल अभिभावकों को किसी निश्चित दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करता है, तो अभिभावक इसकी शिकायत सीधे जिला शिक्षा अधिकारी से कर सकते हैं। ऐसे मामलों में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट शिक्षा सचिव को भेजनी होगी।
स्कूल की मान्यता भी रद्द हो सकती है
डायरेक्टर ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने के साथ भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। हर साल प्राइवेट स्कूलों में किताबों और यूनिफॉर्म को लेकर अभिभावकों को परेशान करने की शिकायतें आती रही हैं। इस बार प्रशासन ने ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करने का फैसला लिया है।